लग्जरी गाड़ियां, किराए पर कोठी और फर्जी पासपोर्ट...
जो दुनिया के मैप में ही नहीं, उन 4 देशों का दूतावास चला रहा था हर्षवर्धन
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी दूतावास खोलकर ठगी करने वाले हर्षवर्धन जैन को गिरफ्तार किया है. जिससे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासा हुए हैं. हर्षवर्धन गाजियाबाद में चार ऐसे देशों का दूतावास चला रहा था, जो दुनिया के मैप में कहीं नजर नहीं आते. इंटरनेट पर खोजने पर भी इनकी कोई जानकारी नहीं मिलती. वह ठगी का यह नेटवर्क दूतावास के आड़ में चला रहा था.
हर्षवर्धन जैन ने जिन देशों के नाम से दूतावास खोला था उनमें West Artica, Poulvia, Saborga और Londonia है. इन देशों के बारे में जब इंटरनेट और गूगल मैप पर सर्च किया गया तो दिलचस्प जानकारी निकलकर सामने आई.
इन देशों के नाम सर्च करने पर क्या आता है?
वेस्ट आर्कटिक अंटार्कटिका के पश्चम भाग में स्थित एक छोटा सा इलाका बताया जाता है. जिसको लेकर ट्रैविस मैकहेनरी नामक शख्स ने 2001 अलग देश घोषित करने की मांग की थी. इसकी जनसंख्या के बारे में भी किसी को जानकारी नहीं है. Saborga भी कोई देश नहीं है, यह बल्कि एक गांव और माइक्रोनेशन है, जिसे अभी तक कोई देश का दर्जा नहीं मिला है. इसी तरह Palvia सर्च करने पर लोगों के नाम और Ladania के नाम से भी कुछ खास नहीं मिलता है.
STF को क्या-क्या मिला?
एसटीएफ को तलाशी के दौरान हर्षवर्धन के पास 4 लग्जरी गाड़ियां मिली हैं. जिनपर डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगी थीं. 12 से ज्यादा डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, जो फर्जी माइग्रेशन के आधार पर बनाए गए थे. भारतीय विदेश मंत्रालय के फर्जी दस्तावेज, पैन कार्ड, लगभग 35 अलग-अलग कंपनियों की स्टाम्प, फर्जी प्रेस कार्ड, 45 लाख के करीब कैश और अन्य चीजें बरामद हुई हैं.
हर्षवर्धन जैन खुद को अंतरराष्ट्रीय डिप्लोमैटिक व्यक्ति बताता था. वह इन चार देशों का राजदूत है यह लोगों को जाहिर करता था. हर्षवर्धन यह पूरा रैकेट गाजियाबाद के केबी 45 कविनगर में स्थित एक किराए की कोठी में चला रहा था. इतना ही नहीं आरोपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और दिग्गज नेताओं के साथ मॉर्फ करके फोटो भी बना रखी थी.
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