शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में वार्षिक सम्मेलन में स्थानीय पत्रकारों को किया अनदेखा
पत्रकारों में रोष, महाविद्यालय प्रबंधन पर पक्षपात के आरोप
CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS
लालबर्रा, शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में गत शुक्रवार 7 मार्च को ग्यारहवां वार्षिक स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय पत्रकारों के एक बड़े समूह को आमंत्रित नहीं किया गया। जिससे स्थानीय पत्रकारों में महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ रोष व्याप्त हो गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि कालेज प्रबंधन द्वारा समाचार सहित अनेकों गतिविधियों के लिए हायर कर लिया गया है और उन्होंने कहा है कि अब वे आगे से महाविद्यालय की किसी भी प्रकार की गतिविधियों को समाचार पत्र में स्थान नहीं देंगे। आमंत्रण प्राप्त न होने से स्थानीय पत्रकार अपने-आप को अपमानित सा महसूस कर रहे है।
उल्लेखनीय है कि शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में अनेक वर्षों के पश्चात् वार्षिक स्नेह सम्मेलन का आयोजन रखा गया। जिसमें जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष लालबर्रा, ग्राम पंचायत मानपुर सरपंच सहित स्थानीय विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे, गौरीशंकर बिसेन पूर्व केबिनेट मंत्री एवं श्रीमती भारती पारधी सांसद को आमंत्रित किया गया था। स्नेह सम्मेलन के आमंत्रण कार्ड स्थानीय मीडिया कर्मियों में से कुछेक को ही चुन-चुनकर दिए गए और बहुसंख्यक मीडियाकर्मियों को इस सम्मेलन में आमंत्रित ही नहीं किया गया। जिससे मीडियाकर्मी में रोष व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि स्नेह सम्मेलन के अलावा महाविद्यालय में प्रति सप्ताह अनेक प्रकार के कार्यक्रम नित प्रति आयोजित होते रहते है जिनके कवरेज हेतु भी मीडियाकर्मियों को आमंत्रित नहीं किया जाता है। कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात् कॉलेज के कर्मचारी ही खुद से समाचार बनाकर कुछ एक ही मीडियाकर्मियों को भेज देते है और वो समाचार भी बगैर पुष्टि के जैसे का तैसा छप जाता है। यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि महाविद्यालय में अनेक अवसरों पर विद्यार्थियों की रैली निकाली जाती है परन्तु उस रैली को नगर भ्रमण कभी नहीं करवाया जाता, केवल कॉलेज के गेट तक रैली ले जाकर वापिस कर दिया जाता है और समाचार पत्रों में रैली को नगर भ्रमण करवाया गया, इस आशय की खबरें प्रकाशित करवा दी जाती है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधि जनपद सदस्य का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं होने और सभी स्थानीय पत्रकारों को निमंत्रण नहीं देने पर नाराज़।
शासकीय महाविद्यालय प्राचार्य सुरेंद्र कुमार खण्डायत का तुगलकी फरमान यह है -
मेरे घर की शादी होगी तो मेरा निर्णय होगा कि किसको बुलाना है और किसको नहीं वैसे ही हमारे कॉलेज के फंक्शन में कौन क्या होगा यह निर्णय भी हमारा होगा कि किसको बुलाए और अथवा ना बुलाए यह हमारा अपना मामला है हमने कोई अपराध नहीं किया और यह कोई मुद्दा नहीं है इसको अगर आपको कोर्ट में चुनौती देना है तो दे दो इस प्रकार स्थानीय जनप्रतिनिधि को भी मेरे कॉलेज के फंक्शन में मैं किस लिए बुलाऊं हमको जिसको नहीं बुलाना है नहीं बुलाए -
सुरेन्द्र कुमार खण्डायत
प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा।
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