हंगामे के बीच संसद में विधायी रफ्तार बरकरार
दो सप्ताह के गतिरोध के बावजूद कई अहम बिल पारित
नई दिल्ली, संसद का मानसून सत्र इस बार लगातार राजनीतिक टकराव और विपक्ष के हंगामे के कारण सुर्खियों में बना हुआ है 20 जुलाई से शुरू हुआ यह सत्र 13 अगस्त तक चलना निर्धारित है कुल 19 बैठकों वाले इस सत्र का तीसरा सप्ताह शुरू हो चुका है लेकिन पहले दो सप्ताह का बड़ा हिस्सा गतिरोध और स्थगन की भेंट चढ़ गया। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को दोनों सदनों से पारित कराने में सफलता हासिल की है सोमवार 3 अगस्त और मंगलवार 4 अगस्तको भी लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान की मांग पर अड़ा रहा जिसके कारण दोनों सदनों की कर्यवाही कई बार बाधित हुई विपक्ष का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से बच रही है विपक्ष लगातार निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की मांग कर रहा हैँ।
कथित NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक का मामला।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और बल प्रयोग।
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और अनियमितताओं के आरोप।
इन मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह के विस्तृत बयान और चर्चा की मांग।
सरकार का कहना है कि वह हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना सरकार की जिम्मेदारी है और हंगामे के बावजूद विधायी कार्य जारी रहेगा
सत्र के दौरान अब तक कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए जा चुके हैं।
इनमें प्रमुख हैँ।
* Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 (एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक)
* Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 (वंदे मातरम् सहित राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रावधान)
* Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026
* Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया।
* Micro, Small and Medium Enterprises Development (Amendment) Bill, 2026, जिसे राज्यसभा ने भी पारित कर दिया इसके अलावा सरकार ने Bankers' Books Evidence Bill, 2026 तथा Indian Statistical Institute Bill, 2026 भी सदन में पेश किए हैं।
20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के पहले सप्ताह का अधिकांश समय विपक्ष के हंगामे में निकल गया दूसरे सप्ताह में गतिरोध कुछ कम हुआ और लोकसभा तथा राज्यसभा ने कई विधेयकों पर कार्यवाही आगे बढ़ाई अब तीसरे सप्ताह में भी राजनीतिक टकराव जारी है हालांकि सरकार लंबित विधेयकों को पारित कराने की रणनीति पर काम कर रही है आज भी लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी विपक्ष की मांग है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर छात्र आंदोलन और अयोध्या चढ़ावा प्रकरण पर जवाब दें दूसरी ओर सरकार का कहना है कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है।
संसद का मानसून सत्र अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुका है आने वाले दिनों में आयकर, बैंकिंग और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार की नजर है जबकि विपक्ष अपने राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को लेकर दबाव बनाए रखने की रणनीति पर कायम है ऐसे में सत्र के शेष दिनों में भी तीखी राजनीतिक टकराहट जारी रहने के आसार हैं।
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