नई दिल्ली, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और कई अन्य खालिस्तान समर्थक आतंकवादी संगठनों के साथ-साथ 12 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. एनआईए तीन आतंकी-गैंगस्टर साठगांठ के मामलों की जांच कर कर रही है. चार्जशीट में बीकेआई और अन्य खालिस्तान समर्थक संगठनों के साथ आपराधिक सिंडिकेट के सदस्यों और ड्रग तस्करों के बीच संबंधों का खुलासा किया गया है. एनआईए की कार्रवाई में 7 राज्यों में 74 स्थानों पर छापेमारी के बाद 7 संपत्तियों को जब्त करते हुए 62 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है.

एनआईए की चार्जशीट में गैंगस्टर माफिया से जुड़े कई खुलासे किए गए. कहा गया कि लॉरेंस बिश्नोई 2015 से हिरासत में है और कनाडा स्थित गोल्डी बराड़ के साथ विभिन्न राज्यों में जेलों से अपने आतंक-अपराध सिंडिकेट का संचालन कर रहा है. जो नवंबर में फरीदकोट में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी प्रदीप कुमार की हत्या का आरोपी है. लॉरेंस बिश्नोई का सिंडिकेट भी मोहाली में पंजाब स्टेट इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमले के मामले के लिए हत्यारों को उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार था. एनआईए की जांच के मुताबिक गोल्डी बराड़ को लखबीर सिंह उर्फ लांडा के साथ सीधा संबंध पाया गया, जो कि रिंडा के साथ मिलकर काम कर रहे एक अन्य बीकेआई ऑपरेटिव है.

लखबीर सिंह उर्फ लांडा मोहाली आरपीजी हमले के साथ-साथ दिसंबर 2022 में पंजाब के तरनतारन में सिरहाली पुलिस स्टेशन पर आरपीजी हमले का भी आरोपी है. लांडा और तीन अन्य के खिलाफ जांच जारी है. इन सभी 14 आरोपियों पर आतंकी गतिविधियां फैलाने और प्रसिद्ध सामाजिक और धार्मिक नेताओं, फिल्म सितारों, गायकों और व्यापारियों की टारगेट किलिंग के लिए आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया है. एनआईए के मुताबिक पाकिस्तान में साजिशकर्ताओं के साथ संबंध होने के अलावा आरोपी कनाडा, नेपाल और अन्य देशों में स्थित खालिस्तानी समर्थक तत्वों के संपर्क में भी थे. एनआईए ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, चंडीगढ़ और दिल्ली में 74 स्थानों पर छापेमारी कर 9 अवैध हथियार, 14 मैगजीन, 298 राउंड गोला बारूद और 183 डिजिटल उपकरण व अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है. जांच एजेंसी ने छह महीने की अवधि में बड़े पैमाने पर तलाशी ली थी और अपनी जांच के दौरान विभिन्न संगठित अपराध सहायता नेटवर्क के लगभग 70 सदस्यों की जांच की थी.

एनआईए द्वारा मामले में अब तक सात एलओसी और 5 एनबीडब्ल्यू जारी किए गए हैं, जिसमें धारा 25 यूए (पी) अधिनियम के तहत 7 अचल संपत्तियों को कुर्क/जब्त किया है और 62 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है. आगे की जांच ने एनआईए को हरियाणा और पंजाब में स्थापित उन ठिकानों तक पहुंचाया, जिनका इस्तेमाल गैंगस्टरों को शरण देने और हथियारों को स्टोर करने के लिए किया जा रहा था. शुक्रवार को चार्जशीट किए गए 14 आरोपियों की पहचान लॉरेंस बिश्नोई, जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया, सतविंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़, सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई उर्फ भानू, विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्रम बराड़, संदीप झंझरिया उर्फ काला जठेरी, वीरेंद्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है. इससे पहले, 21 मार्च को एनआईए ने जांच के तहत आतंकी-गैंगस्टर साठगांठ के मामलों में 12 आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोप पत्र दायर किया था.