भूमाफिया: निधि और सुभाष ने काटी 40 एकड़ में अवैध कॉलोनी
डायवर्सन, कॉलोनाइजर, ना रेरा करोडो के राजस्व की क्षति
CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS
शहडोल, जिले से लेकर ग्रामीण सब्जबाग दिखा भूमाफिया ने शहर के अलावा कृषि भूमि को समतल कर बकायदा रोलर चलावाकर रोड़ बनाकर लोगों को दिग्भ्रमित कर लोगों की गाढ़ी कमाई चट करने में लगे हैं कायदे कानून के मुताबिक इस तरह का कृषि भूमि पर डेवलपमेंट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, रेरा एवं कालोनाइजर बिना लाइसेंस किया जा रहा कार्य पूर्णतः गैर-कानूनी व अवैधानिक है इसमें भारी भरकर जुर्माना भी है। दरअसल में वर्तमान में तथाकथित सुभाष एवं निधि नामक ज़मीन के दलाल मुनाफाखोरों ने कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां खड़ी कर तहसील की साठ-गांठ से रजिस्ट्री भी करा दी, आगामी दिनों में इस तरह की विकसित कालोनी में यहां रहने वाले लोगों विभिन्न प्रकार की समस्याओं को लेकर दो चार होना पड़ेगा इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता और इस भूमि पर प्लाट खरीदने वाले लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ सकता हैं। कारण बगैर कायदे कानून का पालन सुनिश्चित किए बगैर लाजिमी है नपा, ग्रामीण प्रशासन द्वारा यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं दी जाएगी।
हम आपको बता दें कि जमीन के दलालों ने कम कीमत के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर बरगलाकर इस तरह कृषि भूमि पर कॉलोनियां बसाने का गोरखधंधा खोल रखा है, हालांकि इस तरह विभिन्न क्षेत्रों में अवैध कालोनियों में प्लाट और मकान बनाने वाले लोगों को इस जिसका खामियाजा भी अब रहवासी भोग रहे हैं। मूल भूत सुविधाओं के नाम पर न यहां बिजली है और न ही सड़क-नाली। पीने पानी तक के लिए भी लोगो को भटकना पड़ता है।
बेजा हुई नियमों की अनदेखी...
भारत सरकार ने भू-माफिया के चंगुल से लोगों को बचाने के लिए शासन ने रियल स्टेट कानून रेरा तो लागू कर दिया लेकिन शहर में इस कानून का पालन कम ही लोग कर रहे हैं। आधा दर्जन मात्र ही कालोनाइजरों द्वारा ही रेरा में पंजीयन कराया गया है जबकि शहर में 20 से 35 कॉलोनी अवैध हैं। रेरा से प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कुछ तथाकथित लोगों ने टांकी नाला और आसपास कॉलोनाइजरों ने अपूर्ण कॉलोनी को पूर्ण बताकर प्रमाण पत्र तक ले रखा है। यदि जिला प्रशासन जांच करे तो गड़बड़ी सामने आ सकती है।
अवैध को वैधानिक दर्जे की चर्चा...
शहडोल में नया बस स्टैंड के आसपास सहित कई कालोनी ऐसी ही है जहां दलालों के चक्कर में आकर अवैध कॉलोनी में लोग प्लॉट तो ले लेते हैं और मकान बनाने के बाद समस्याओं से घिर जाते है फिर आरंभ होता है संघर्ष। नपा से वैधता प्राप्त करने के लिए प्रति वर्गफीट के मान से तथा अन्य शुल्क सहित भारी भरकम राशि जमा कराने के उपरांत परिषद की स्वीकृति मिलने पर ही मकान को वैधता प्राप्त होती है तब जाकर वहां सुविधाएं मिलने के आसार बनते हैं। राज्य शासन ने भी अवैध कॉलोनियों के लिए सरलता लागू करते हुए एक परिपत्र जारी किया जिसमें नियमितीकरण किए जाने का उल्लेख किया गया है लेकिन इस प्रक्रिया में भी फिलहाल समय लगेगा। इसलिए जनता को जागरूक रहना चाहिए।
बाकायदा पत्थरगड्डी, और बन रहे मकान...
शहडोल पचगांव, विचारपुर, कल्याणपुर सिंदूरी रोड पर इतनी अवैध कॉालोनियां विकसित हो चुकी हैं फिर भी जाने क्यों जिम्मेदारों की कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। इनमें से एक कॉलोनी के हालात तो यह है कि भूमाफिया ने एक ही प्लाट को अनगिनत लोगों को बेच दिया। इस विवाद होने पर भू-माफिया छोड़कर सतना भाग गया। कुछ इसी तरह की स्थिति इस मार्ग पर वापस बनती दिखाई दे रही है। एक ताजा-ताजा कॉलोनी बनी है जो की किसी भी प्रकार के नियम कायदों में खरी नहीं उतरती है। लोगों को बरगलाने के लिए संबंधित ने सड़क के नाम पर दोनों तरफ चिह्नित कर बीच में पत्थरगड्डी, फेनसिंग, चूने पत्थर की चूरी डाल दी और प्लॉट चिह्नित कर दिए। तक दलालों के मायाजाल में लोग अवैध कालोनी को विकसित समझ दिग्भ्रमित हो अबिलंब निवेश कर दे।
गुप्ता बाबू की भूमिका संदिग्ध
बहरहाल मामले मे सबसे बड़ा पेंच यह भी कि मामले में राजस्व अधिकारियों को अवैध रूप से कालोनी विकसित किए जाने की सूचनाएं प्राप्त होती है और जांच में आर आई पटवारियों को मौका मुआयना करने जाना होता है जिम्मेदार मुआयना तो पूरा करते हैं लेकिन तहसील में पदस्थ तथाकथित गुप्ता बंधुओं के रिश्तेदार जांच पूरी होने नहीं देते तभी तो ऐसे मामलों में एक ओर शासकीय राजस्व नुकसान हो रहा है वहीं नागरिकों की गाढ़ी कमाई फर्जी कालोनाइजर के दिखाएं सब्जबाग में डूबे जा रही है।
वीरेंदर, राजेश भूमाफिया के दलाल
शहडोल और आसपास की भूमि की खरीद बिक्री संभाग का तमगा मिलने और कॉल माईनस के साथ साथ बाईपास के चलते कृषि भूमि और नान डायवर्टेड भूमि को बिना कालोनाइजर रेरा टीएनसीपी परमिशन धड़ाधड़ प्लाटिंग करते हुए बेचा जा रहा है इसमें विचारपुर कल्याणपुर, पुरानीबस्ती, भुईबांध से लेकर तमाम प्रमुख स्थानो को चिन्हित करते हुए पटवारी आर आई भूमाफिया को अवगत करते है सौदा हुआ तो ठीक वरना पेच फसा देना इनकी फितरत में है, इन दोनों रंगा बिल्ला की टीम ने शहडोल में ही सालो सीमांकन और नक्शा तरमीम के लिए चककर लगवा रहे है यही काम भूमाफिया का हो तो सुविधा अनुसार सीमांकान और नक्शा तरमीम बैक डेट से भी कर दिया करते है, यह सरकारी वेतन में जमीन की दलाली नहीं तो क्या है।
517 में तना अवैध मैरिज गार्डन...
नगरपालिका शहडोल के वार्ड 38 में पवन मिश्रा एवं परिजनों ने बिना किसी परमिसन के अवैध मैरिज गार्डन ही तान दिया और यह तब हो रहा है जब की सारी चीजे ऑनलाइन हो चुकी है लेकिन शहडोल एक तथाकथित उपाध्यक्ष सभी निर्माणाधीन बिल्डिंग से अदृश्य मजूरी के नाम पर जेब कर रहा है और इन सभी अवैध निर्माण को प्रोटेक्ट करने का का काम भी करता है हालही में होर्डिंग मामले में करोडो का नगरी निकाय के नुक्सान ममले में जिम्मेदार अफसरों ने होर्डिंग कारोबारी पर रहमदिली तथाकथित उपाध्यक्ष के चलते होने की जनचर्चा है, बहरहाल ऐसे में नागरिको के लिए बना दोहरा कानून पर अब लोग सवाल उठाना शुरू कर दिए है
प्रशासनिक प्रतिक्रिया....
मामले में कलेक्टर शहडोल के नंबर 07587966300 पर मामले में प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
तरुण भटनागर, कलेक्टर शहडोल