लालबर्रा कबाड़ी दुकानों में बिक रही अवैध संपत्ति
गली मोहल्ले में अवैध कबाड़ का धंधा...प्रशासन बन बैठा अंधा
CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS
लालबर्रा, नगर के थाने के आसपास खुलेआम कबाड़ियों का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। थाना प्रभारी से लेकर पुलिस स्टाफ रोजाना कबाड़ी दुकान संचालकों के पास से आना-जाना कर रहे हैं। दुकानों में रखे अवैध सामानों पर नजर भी पड़ रही है लेकिन कबाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है, यही वजह है कि अब चोर अवैध सामान आसानी से कबाड़ी दुकानों में खपा रहे हैं। जिम्मेदारों की निष्क्रियता से चोर और कबाड़ियों का धंधा बढ़ गया है। थाने के पीछे व आसपास से कबाड़ी दुकानों की लाइन शुरू होती है। कबाड़ी दुकानों की जांच करने व गलत खरीदी करते पाए जाने पर कबाड़ियों पर कार्रवाई करने या उनकी दुकान बंद करवाने के लिए पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। पुलिस संरक्षण से ही कबाड़ दुकान संचालित हो रही है, इस व्यवसाय में पुलिस और प्रशासन का कोई रोक-टोक व समय-समय पर कोई जांच नहीं होती है। कबाड़ी कबाड़ सामान को सड़क तक फैला कर रखते हैं, संचालक बेधड़क बिजली ट्रांसफार्मर के लोहे व तार को खरीद रहे हैं फिर दूसरी जगह महंगे दाम में सप्लाई करते हैं। बाईक के पुर्जे-पुर्जे अलग-अलग करके व अन्य चोरी के सामान कबाड़ में खपाना आम बात हो चुकी है। चोरी की घटनाएं भी बढ़ी हैं। इन दिनों शहर के गली मोहल्ले से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में भी जगह-जगह कबाड़ दुकान संचालित हो रही है। सभी संचालक प्रत्येक सप्ताह सैकड़ों क्विंटल लोहे का कबाड़ खरीद रहे हैं, इतनी मात्रा में लोहा टीन टप्पर कहां से आ रहा है इसके बारे में किसी को पता नहीं है, दूसरी ओर जैसे-जैसे कबाड़ दुकानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है इसी तरह चोरी की घटनाएं भी बढ़ती जा रही है। चोर नए-नए क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
जानकर भी अनजान बनें हैं अधिकारी
टू व्हीलर गाड़ी हो या फिर फोर व्हीलर गाड़ी कबाड़ वाले हमेशा पेपर देखकर ही खरीदते हैं लेकिन लालबर्रा में कबाड़ी वाले बिना पेपर की कई गाड़ियां खापा चुके हैं। यहां तक की एक ही पेपर में दर्जनों गाड़ियां काटकर बेच देते हैं। कई शासकीय संपत्ति भी कबाड़ में खरीदी जाने की सूचना विश्वसनीय सूत्रों द्वारा दी गई है और यह जानकारी पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों को भी है बावजूद कबाड़ वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होना संदेह को जन्म दे रहा है। विगत वर्ष मीडिया कर्मियों के पास शिकायत आने पर मोक्षधाम के पास स्थित एक कबाड़ी दुकान में जाकर देखा गया तो सरकारी संपत्ति जैसे हैंडपंप के पुर्जे, हैडपम्प पाइप, पीडब्ल्यूडी के सांकेतिक बोर्ड व उसके पट्टे, पानी की मोटर आदि अनेक आपत्तिजनक सामग्री देखने में आई थी, जिस आशय की खबर भी अनेक समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई थी, बावजूद तब से लेकर अब तक जिम्मेदार प्रशासनिक अमले द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।