CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS

लालबर्रा, आरक्षण में क्रिमिलेयर के खिलाफ आरक्षण बचाओ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद का असर बालाघाट जिले सहित लालबर्रा में भी देखने को मिला।

मुख्यालय के जिन बाजारों में सुबह से ही हर दिन चहल-पहल दिखाई देती थी। वहां बंद आंदोलन के चलते सन्नाटा पसरा रहा। वाहनों के पहिए जाम हो गए। दुकानों में दिन भर ताले लटके रहें।आरक्षण बचाओ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुलाए गए लालबर्रा बंद को बसपा सहित अन्य दलों और चैंबर ने अपना समर्थन दिया।

आंदोलनकारियों का कहना है कि न्यायिक व्यवस्था के माध्यम से आरक्षण को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके कारण अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज,अपने हक और अधिकार के लिए बुधवार को सड़क पर है।

आंदोलनकारियों ने मांग की हैं कि सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश को निरस्त करने अध्यादेश लाए। इसके अलावा भी हमारे कई और अन्य मांगे है, जिसको लेकर आंदोलनकारी सड़क पर हैं। वहीं आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने पर लालबर्रा पुलिस बल जगह-जगह पर तैनात रहे है।

आंदोलनकारीयों ने मुख्यालय में रैली की जो यह रैली कार्यक्रम स्थल से सिवनी रोड़ मजार पहुंची तथा वहां से पुनः यह तहसील कार्यालय पहुंची वहां पर तहसीलदार महोदय को माननीय महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार,प्रधानमंत्री भारत सरकार, कानून मंत्री भारत सरकार, माननीय चीफ जस्टिस आंफ इंडिया सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली, माननीय अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग नई दिल्ली व माननीय अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग नई दुनिया के नाम ज्ञापन पत्र सौंपे हैं ततपश्चात यह रैली कार्यक्रम स्थल में पहुंची जहां सभा का आयोजन किया गया।

थमें रहे बसों के पहिये यातायात व्यवस्था हुआ प्रभावित

ज्ञात हो कि बंद से बसों के पहिये पुरी तरह से थम गए जिस वजह से यातायात पुरी तरह से प्रभावित हुआ लोगों को आवागमन में खासी असुविधा हुई वहीं थाना प्रभारी हेमंत नायक ने सुरक्षा कि जिम्मेदारी अपने कंधों पर स्वयं संभाली जिस वजह से क्षेत्र में कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई है। वहीं क्षेत्र में एमरजेंसी सेवाएं जैसे मेडिकल,दुग्ध डेयरी, पेट्रोल पंप चालू रहे तथा शासकीय कार्यलय पुरी तरह खुले रहे लेकिन आमजन नजर नहीं आये है लगभग 5 बजे के बाद एक एक करके दुकानें खुलना प्रारंभ हुई लेकिन कुछ ही दुकान खुली नजर आई।