प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है, इसलिए इसे त्रयोदशी व्रत भी कहा जाता है। यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस व्रत को रखने से व्यक्ति को लंबी आयु और सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। एक साल में कुल 24 या 25 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। हर महीने दो प्रदोष व्रत होते हैं, जिनमें से एक शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में आता है। यह व्रत भगवान शिव की पूजा के लिए खास माना जाता है। इस दिन भक्तजन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद के समय में की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के संकट दूर होते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि 2025 में प्रदोष व्रत किन-किन तिथियों पर रखा जाएगा।


प्रदोष व्रत 2025 लिस्ट 

 
तिथि    प्रदोष व्रत का नाम
11 जनवरी, शनिवार         शनि प्रदोष व्रत(शुक्ल)
27 जनवरी, सोमवार         सोम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
09 फरवरी, रविवार         प्रदोष व्रत (शुक्ल)
25 फरवरी, मंगलवार         भौम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
11 मार्च, मंगलवार         भौम प्रदोष व्रत (शुक्ल)
27 मार्च, गुरुवार         प्रदोष व्रत (कृष्ण)
10 अप्रैल, गुरुवार         प्रदोष व्रत (शुक्ल)
25 अप्रैल, शुक्रवार         प्रदोष व्रत (कृष्ण)
09 मई, शुक्रवार         प्रदोष व्रत (शुक्ल)
24 मई, शनिवार         शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)
08 जून, रविवार         प्रदोष व्रत (शुक्ल)
23 जून, सोमवार         सोम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
08 जुलाई, मंगलवार         भौम प्रदोष व्रत (शुक्ल)
22 जुलाई, मंगलवार         भौम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
06 अगस्त, बुधवार         प्रदोष व्रत (शुक्ल)
20 अगस्त, बुधवार         प्रदोष व्रत (कृष्ण)
5 सितंबर, शुक्रवार        प्रदोष व्रत (शुक्ल)
19 सितंबर, शुक्रवार         प्रदोष व्रत (कृष्ण)
04 अक्टूबर, शनिवार         शनि प्रदोष व्रत (शुक्ल)
18 अक्टूबर, शनिवार         शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)
03 नवंबर, सोमवार        सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल)
17 नवंबर, सोमवार         सोम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
02 दिसंबर, मंगलवार        भौम प्रदोष व्रत (शुक्ल)
17 दिसंबर, बुधवार        प्रदोष व्रत (कृष्ण)

प्रदोष व्रत की विशेषता

प्रदोष व्रत के दौरान भक्तजन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा पूरी श्रद्धा से करते हैं। इस व्रत को रखने से साधक को मानसिक शांति, समृद्धि, और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है। प्रदोष व्रत के धार्मिक महत्व और लाभों के कारण यह व्रत शिवभक्तों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।