CURATED BY – CHANDAN KUMAR CHAUBEY | CITYCHIEFNEWS

पटना. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रहे केके पाठक के वेतन पर रोक लगा दी गई है. केके पाठक का तबादला शिक्षा विभाग से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में किया गया था. लेकिन उन्होंने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ज्वाइन नहीं किया. इसके बाद केके पाठक का तबादला नई जगह राजस्व पर्षद में कर दिया है. हालाँकि अभी तक पाठक ने राजस्व पर्षद के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण नहीं किया है. ऐसे में अब जून महीने के वेतन को लेकर आ रही खबरों के अनुसार पाठक की सैलेरी रुक गई है. सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे मूल वजह उनक अभी तक नए विभाग में सेवाएं नहीं देना है. 

केके पाठक जब शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव थे उस दौरान उनके कई फैसलों को लेकर शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिली थी. यहां तक कि बड़ी संख्या में शिक्षकों के वेतन पर भी रोक लगाई थी. इससे कई शिक्षकों ने ऑफ़ रिकॉर्ड अपनी नाराजगी जताई थी और केके पाठक के आदेशों को तुगलकी फरमान कहा था. पाठक के कई आदेशों को मनमाना बताते हुए बिहार विधान सभा और विधान परिषद में भी सदस्यों ने खूब हंगामा किया था. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस पर सदन में बयान देना पड़ा था. 

इस बीच, केके पाठक अचानक से 2 जून को छुट्टी पर चले गये. उनके छुट्टी पर जाने के बाद नीतीश सरकार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से केके पाठक का तबादला राजस्व एवं भूमि सुधर विभाग में एसीएस के रूप में कर दिया. उनके नाम का नेम प्लेट भी राजस्व एवं भूमि सुधर विभाग कार्यालय के बाहर लग गया लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया. इस बीच नेम प्लेट को वहां से हटा दिया गया जिसके बाद यह तय हो गया कि पाठक अब यहां ज्वाइन नहीं करने वाले हैं. पिछले सप्ताह की उनका तबादला एक बार फिर से नई जगह यानी राजस्व पर्षद के अध्यक्ष पद पर किया गया लेकिन अभी तक उन्होंने अपने सेवाएं नहीं दी हैं. 


सूत्रों के कहना है कि पाठक के जून महीने के वेतन पर लगी रोक का कारण भी उनका अब तक किसी विभाग में ज्वाइन नहीं करना है. वित्तीय मामलों के जानकारों के अनुसार केके पाठक के जून महीने की सैलेरी उनके नये विभाग से ही जारी होगी. जब तक वे राजस्व पर्षद के अध्यक्ष पद पर ज्वाइन नहीं करते तब तक उनके जून महीने का वेतन नहीं जारी होगा. सूत्रों की मानें तो पाठक को 15 जून तक नई जगह पर ज्वाइन करना होगा, इसके बाद उनका वेतन जारी हो सकता है. 

क्या है राजस्व पर्षद : राजस्व पर्षद या बोर्ड आफ रिवेन्यू में आम लोगों से जुड़ा कोई काम नहीं होता है. बोर्ड आफ रिवेन्यू में मूल रूप से सरकारी कर्मियों के प्रमोशन आदि के लिए होने वाली परीक्षा को आयोजित करने की जिम्मेदारी होती है. ऐसे में यह एक प्रकार का सेंटिंग वाला विभाग माना जाता है. माना जाता है कि केके पाठक को राजस्व पर्षद अध्यक्ष बनाकर उन्हें साइड लाइन कर दिया गया है.