महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए खण्डवा पुलिस की 'निर्भया टीम' सक्रिय
स्कूलों में पहुंचकर छात्राओं से किया संवाद, गोपनीय सूचना पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा
खण्डवा, महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में खण्डवा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला थाना प्रभारी निरीक्षक सुलोचना गहलोत के नेतृत्व में 'निर्भया टीम' का गठन किया है। पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन के निर्देश पर गठित यह टीम स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित रूप से पहुंचकर छात्राओं एवं महिलाओं से संवाद स्थापित करेगी तथा अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
इसी क्रम में निर्भया टीम ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर छात्राओं से सीधा संवाद किया। टीम ने छात्राओं से स्कूल आने-जाने के दौरान आने वाली कठिनाइयों, पीछा किए जाने (स्टॉकिंग), छेड़छाड़, जबरन बातचीत करने के प्रयास, विद्यालयों के आसपास असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, नशीले पदार्थों की बिक्री तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि उनकी ओर से दी जाने वाली किसी भी सूचना को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा तथा प्रत्येक शिकायत और सूचना पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं को बिना किसी भय या संकोच के महिला थाना अथवा पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा आपात स्थिति में पुलिस की सहायता लेने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। टीम ने उन्हें किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अपराध को नजरअंदाज न करते हुए तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी।
पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा खण्डवा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्भया टीम नियमित रूप से शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करेगी तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक गोपनीय सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
खण्डवा पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े किसी भी मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस और आमजन की साझी भागीदारी से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है तथा समाज में सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण स्थापित किया जा सकता है।
देश
दुनिया
मनोरंजन
खेल
छत्तीसगढ
हरियाणा
दिल्ली
धार्मिक
व्यापार
टेक & ऑटो
शिक्षा
स्वास्थ्य
आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
सिक्किम
ओड़िशा
झारखंड
असम
नागालैण्ड