खगड़िया सांसद ने राज्यपाल से मिलकर राज ठाकरे के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति
कहा- अपमान बर्दाश्त नहीं
पटना, महाराष्ट्र में हिंदीभाषियों के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के विवादित बयान को लेकर बिहार के युवा सांसद मुखर हो गए हैं। खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन से राजभवन में मुलाकात कर इस मुद्दे पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने राजभाषा समिति के सभी सदस्यों के साथ राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और शिष्टाचार भेंट भी की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज ठाकरे के उस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई जिसमें उन्होंने कहा था कि जो मराठी नहीं बोलते, उन्हें पीटना चाहिए लेकिन उसका वीडियो नहीं बनाना चाहिए। सांसद वर्मा और उनके साथियों ने इसे भाषाई असहिष्णुता और असंवैधानिक मानसिकता का प्रतीक बताया।
सांसद राजेश वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि बिहार ऐसा एकमात्र राज्य है जिसकी प्रतिभा और मेहनत पूरे भारत के विकास में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा, “बिहारी मजबूर हो सकते हैं लेकिन कभी कमजोर नहीं। देश के हर विकसित राज्य की नींव में बिहार के श्रमिकों, इंजीनियरों और बुद्धिजीवियों का योगदान शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अनेक भाषाओं और संस्कृतियों का देश है, लेकिन इसकी आत्मा और संविधान एक है। किसी भी नागरिक को उसकी भाषा के आधार पर अपमानित करना संविधान के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि हमें हर भाषा, हर संस्कृति और हर भारतीय का सम्मान करना होगा, तभी भारत एकजुट रह सकता है।
राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वह इस विषय पर संबंधित प्रशासन को आवश्यक निर्देश देंगे, ताकि राज्य में सभी नागरिकों को समान अधिकार और गरिमा मिल सके। खगड़िया सांसद राजेश वर्मा ने राज्यपाल से मिलकर राज ठाकरे के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, कहा- हिंदीभाषियों का अपमान बर्दाश्त नहीं।