​कटनी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार, कटनी शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव रजनी वर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। हिमाचल मंडी की सांसद कंगना रनौत तथा केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के विवादित बयानों और रवैये के विरोध में दर्जनों कांग्रेस नेत्रियों एवं पदाधिकारियों ने एकत्र होकर दोनों नेताओं का सांकेतिक पुतला दहन किया।

​प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि सांसद कंगना रनौत द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को 'गटर' कहना और उन्हें अशिक्षित व असभ्य बताना अत्यंत निंदनीय है।

​आजाद भारत में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। यदि छात्रों से संवाद में कोई भूल हुई भी थी, तो भी वे हमारे देश का भविष्य हैं। लेकिन कंगना रनौत और भाजपा नेताओं को अपने उन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले मंत्रियों और नेताओं पर कभी कुछ बोलते नहीं देखा गया, जो महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों में लिप्त हैं।
— रजनी वर्मा, अध्यक्ष (कटनी शहर महिला कांग्रेस)

​रजनी वर्मा ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ बिलकिस बानो कांड जैसे जघन्य अपराध के दोषियों के जेल से छूटने पर उनका स्वागत किया जाता है। यह भाजपा की दोहरी और संगी मानसिकता को दर्शाता है। महिला कांग्रेस इस छल को बर्दाश्त नहीं करेगी और पूरे देश में भाजपा को आईना दिखाने का काम जारी रखेगी।

​रीवा में आदिवासी नेता की हत्या पर आक्रोश राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
​महिला कांग्रेस के इस प्रदर्शन के साथ ही आदिवासी कांग्रेस विभाग ने भी रीवा जिले में हुई आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमित कोल की निर्मम हत्या के विरोध में मोर्चा खोला। पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर घटना की उच्चस्तरीय जाँच और पीड़ित परिवार को न्याय देने की माँग की।।​आदिवासी कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्व. अमित कोल की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था पर करारा प्रहार है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग कि है कि ​ अमित कोल की हत्या की निष्पक्ष, त्वरित और उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए। मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाकर कठोरतम सजा दी जाए। शोकाकुल परिवार को उचित आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी एवं सुरक्षा प्रदान की जाए। घटना के पीछे शामिल षड्यंत्रकारियों और दोषियों को संरक्षण देने वाले तत्वों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।

​ प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं ​प्रदर्शनकारियों ने विश्वास जताया कि माननीय राष्ट्रपति महोदया इस संवेदनशील विषय में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाएंगी।