CURATED BY – KAILASH DUBEY | CITYCHIEFNEWS

दमोह, शाेले फिल्म में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की जोड़ी को जय और वीरू नाम दिया गया था क्योंकि उनकी दोस्ती ही कुछ ऐसी थी, लेकिन दमोह में भी राजनीति के दो धुरंधर जो आपस में बहुत अच्छे मित्र हैं और इन्हे भी जय और वीरू के नाम से ही जाना जाता है और पांच साल बाद यह जोड़ी साथ देखने मिली है। हम बात कर रहे हैं पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया और पूर्व कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया की जो आपस में बहुत अच्छे दोस्त हैं और इन दोनों की जोड़ी को जय और वीरू नाम भी दिया गया है। यह बात खुद पूर्व कृषि मंत्री मंच से अपने भाषणों में कह चुके हैं कि वह जय हैं तो जयंत मलैया वीरू हैं। दमोह से भाजपा  प्रत्याशी घोषित होने के बाद जयंत मलैया पूर्व कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया बाबाजी के गांव सकौर उनसे मिलने पहुंचे जहां इन दोनों का दोस्ताना अंदाज देखने मिला।सकौर पहुंचने पर रामकृष्ण कुसमरिया बाबाजी ने अपने पुराने मित्र जयंत मलैया का स्वागत किया और दोनों गले में हाथ डालकर अपने पुराने राजनैतिक सफर की चर्चा करने लगे।
बतादेंकि रामकृष्ण कुसमरिया उम्र में जयंत मलैया से बड़े हैं कुसमरिया ने अपना पहला चुनाव 1972 में लड़ा जबकि जयंत मलैया ने पहला चुनाव 1984 में लड़ा। 2018 तक इन दोनों की दोस्ती के सभी कायल थे,लेकिन 2018 के चुनाव में पथरिया से रामकृष्ण कुसमरिया को टिकिट नहीं मिली जिससे खफा होकर उन्होंने अपनी दोस्ती को दरकिनार कर दमोह और पथरिया दोनों जगह से निर्दलीय चुनाव लड़ा और दोनों ही जगह भाजपा की हार हो गई। हालांकि बाद में इन दोनों के बीच संबंध में ठीक हो गए,लेकिन जो दोस्ताना संबंध था वह पांच साल के बाद रविवार को देखने मिला जयंत मलैया खुद अपने पुराने दोस्त रामकृष्ण कुसमरिया से मिलने उनके ग्रह गांव सकौर पहुंच गए।इन दोनों को एक साथ देख लोगों ने भी पुराने दिनों को याद कर लिया।