CURATED BY – MOHMMAD MUNEER | CITYCHIEFNEWS

शहडोल, जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका सीएमओ को इटारसी पुलिस टीम जब गिरफ्तार करने शहडोल पहुंची तो महकमे में मानो हड़कंप मच गया, मामला किसी को समझ में आता उससे पहले ही फ़िल्मी स्टाइल में सीएमओ साहब दफ्तर छोड़ पहले ही रफूचक्कर हो गए थे, इटारसी पुलिस टीम को असफलता ही हाँथ लगी, दरअसल शहडोल नगर पालिका परिषद् में ईमानदार छवि और तेज तर्रार कार्यशैली को जानने जाते सीएमओ का इतिहास खुला तो सब भावचक्के रह गए, मिली जानकारी के मुताबिक सीएमओ अक्षत बुंदेला पर आरोप है है की उन्होंने भूमि घोटाले में माफिया जैसे लोगो का साथ जाने क्यों दिए कोर्ट ने भाप लिया और गिरफ्तारी वारंट भेजा, संभवतः गिरफ्तार होकर ससुराल दर्शन करना भी पड़े l 
मामले में इटारसी में पदस्थापना के दौरान सीएमओ अक्षत बुंदेला पर आरोप है कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार करके शासकीय राशि का दुरुपयोग किया इस मामले में न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिसके बाद इटारसी पुलिस ने शहडोल में पहुंचकर उनके कार्यालय व घर में दबिश दी है। हालाँकि पुलिस के पहुंचने के पहले ही सीएमओ ने छुट्टी लेकर किसी अज्ञात स्थान पर कहीं चले गए है।

जानिए क्या हुआ था कांड.. 
गौरतलब होकि इटारसी पुलिस की दबिश नगरपालिका शहडोल सीएमओ को तलाश गिरफ्तार कर इटारसी ले जाने के लिए हुई थी परन्तु पुलिस को उनके कार्यालय एवं घर में ताला लगा मिला। दरअसल, नपा इटारसी के पूर्व राजस्व निरीक्षक संजीव श्रीवास्तव और सर्विस प्रोवाइडर राजा सैफी को न्यायालय ने सजा सुनाई है। जिसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। इसी मामले से जुड़े तत्कालीन सीएमओ इटारसी व शहडोल सीएमओ अक्षत बुंदेला और तत्कालीन उप रजिस्ट्रार आनंद पांडेय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इटारसी पुलिस गिरफ्तारी वारंट मिलने के बाद सीएमओ अक्षत बुंदेला के शहडोल स्थित ठिकानों पर दबिश देने पहुंची थी। पुलिस टीम में इटारसी थाने के एसआई अरविंद बेले और हेमंत तिवारी शामिल थे। दोनों ने शहडोल स्थित उनके आवास और कार्यालय में पूछताछ की, लेकिन बुंदेला नहीं मिले। उल्लेखनीय है कि मामले में प्लाट खरीदने वाली शुभांगी रसाल के पति शंकर रसाल ने शिकायत की थी। दरअसल प्लाट खरीदने के बाद जब वे मौके पर पहुंचे तो पता चला कि 81ए नंबर का कोई प्लॉट मौके पर है ही नहीं। साथ ही स्थानीय लोगों ने भी बताया कि नक्शे में दर्शाए गया प्लॉट की जगह ही खाली नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय में गुहार लगाई थी। 

उसी तर्ज में काम, चाहे जो हो अंजाम...
सूत्रों के हवाले से शहडोल में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा तलाश किया जाए तो शहडोल नगरपालिका अंतर्गत की खसरा नंबर 516 की लगभग 05 एकड़ भूमि तत्कालीन कलेक्टर वंदना वैध के आदेश पर राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्यवाही में अतिक्रमण मुक्त कराई गई थी, लेकिन सीएमओ साहब ने मामले में ले देकर उसी अतिक्रमण करने वाले को शासकीय अतिक्रमण मुक्त भूमि सौप दी, जानकर बताते है यह भूमि पर अवैध मैरिज गार्डन की पार्किंग बनने वाली है और अवैध खनन कर अवैध सड़क भी सीएमओ साहब के रहनुमाई में बनाई जा रही है मामले में लगतार शिकायत हो रही है लेकिन यहाँ भी इटारसी की तर्ज में गुनाह किये जा रहे कायदे कानून तोड़ने वाले प्रोटेक्ट किये जा रहे है, अब जिल की जनता को भी समझ में आने लगा है l

इनका कहना है l 
गिरफ्तारी वारंट अक्षत बुंदेला का न्यायालय ने जारी किया है। मामला धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है, हमने अपनी टीम को शहडोल उनके ऑफिस एवं घर में तलाश करने के लिए भेजा था, लेकिन जब टीम वहां पहुंची तो कार्यालय से पता लगा कि सीएमओ पहले ही छुट्टी लेकर कहीं चले गए हैं । हमारे टीम उनकी तलाश कर रही है।
गौरव सिंह, थाना प्रभारी इटारसी