मोहर्रम का महीना शुरू हो चुका है। इस बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ईरानी झंडे और पोस्टर लगने की खबर सामने आई है। भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 के पास काले झंडे समेत पोस्टर लगे पाए गए, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई समेत तमाम नेताओं की तस्वीरें मौजूद थीं।

ईरानी डेरे पर ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई के पोस्टर भी लगे हुए पाए गए। इसके अलावा ईरान के अन्य नेताओं की तस्वीरें भी दिखीं। ये पोस्टर शिया समुदाय के मुस्लिम लोगों ने लगाए हैं। ये ईरानी मान्यता को मानने वाले लोग हैं। कई जगहों पर इन पोस्टरों के ऊपर भारत का तिरंगा झंडा भी लगाया गया है। ईरानी डेरे से जुड़े लोगों ने कहा कि ये हर साल पोस्टर्स लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार संख्या ज्यादा है। इन पोस्टरों के पीछे की वजह इरान-इजराइल के बीच चली जंग है, जिसमें ईरान ने करारा जवाब दिया था।

ईरानी डेरे के इमाम शाहकार हुसैन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया- आयतुल्ला खामेनेई ने खुद कहा है कि यह जीत मोहर्रम की देन है। हमने इमाम हुसैन से सीखा है कि जुल्म के खिलाफ सिर नहीं झुकाते। यहां जो बैनर लगे हैं, वे कोई सेलिब्रेशन नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रदर्शन हैं। यह दिखाने के लिए है कि अगर इमाम हुसैन की राह पर चला जाए तो बड़ी से बड़ी ताकत को झुकाया जा सकता है।

इजराइल ईरान के बीच 13 जून को जंग शुरू हुई। इसमें इजराइल ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के जरिए ईरान के ऊपर जोरदार हमला किया, जिसमें 14 वैज्ञानिक समेत कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने भी हमला किया और सैकड़ों मिसाइलें दाग दीं। इन हमलों में दोनों तरफ के सैकड़ों लोगों के मरने और हजारों के घायल होने की खबर है। फिलहाल दोनों तरफ से सीजफायर का ऐलान हो गया है और अपने-अपने मुताबिक हार-जीत का दावा कर रहे हैं।