CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS

दमोह, शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दमोह में अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के तत्वावधान में प्राचार्य डॉ. के.पी. अहिरवर के निर्देशन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर परिचर्चा एवं प्रश्नमंच का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिंदी साहित्य की विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता नायक ने कहा कि परिवार से ही महिला के प्रति भेदभाव की भावना के विरुद्ध वातावरण का निर्माण होना चाहिए। महिला तो सशक्त है उसे किसी को सशक्त करने की आवश्यकता नहीं है। आज कोई क्षेत्र नहीं है जहां महिलाओं ने अपना वर्चस्व स्थापित नहीं किया है।
 वरिष्ठ प्राध्यापक डॉक्टर इंदिरा जैन ने कहा है की नारी सृजन करती है, सर्जक भी वही है और सर्जना भी उसी की है, नारी वस्तुतः राष्ट्र समाज की धुरी है, आवश्यकता है जागृति की। डॉ. नाज़नीन बेगम ने महिला दिवस का महत्व एवं उपादेयता पर प्रकाश डाला। डॉ. जितेंद्र धाकड़ ने मातृशक्ति की वंदना करते हुए भारतीय संस्कृति में शक्ति, ज्ञान एवं सम्पदा के रूप में महिलाओं की शक्ति को बताया। डॉ. एन. पदमा कुमार ने आधुनिक संदर्भ में महिला शक्ति पर विचार रखे। छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति के साथ इस अवसर पर विचार प्रस्तुत किए एवं अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के साथियों के साथ प्रश्न संवाद किया।