CURATED BY – UMESH KUSHWAHA | CITYCHIEFNEWS

चित्रकूट, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में विशाल योग कार्यक्रम एक नवाचार के रूप में संपन्न हुआ। इस मौके पर संत,महात्माओं,महंतों, चित्रकूट क्षेत्र में कार्यरत सरकारी, अर्ध सरकारी, गैर सरकारी,विकास, शैक्षणिक संस्थाओं के पदाधिकारी ,कार्यकर्ताओं, प्रशासन और चित्रकूट अंचल के निवासियों ने मिलकर सामूहिक योगाभ्यास का अभिनव प्रदर्शन किया।
 योग के इस विशाल कार्यक्रम में दो हजार से अधिक लोगों ने सहभागिता की। दीनदयाल सोच संस्थान के संगठन सचिव एवं महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की प्रबंध मंडल के सदस्य अभय महाजन इस विशेष आयोजन के प्रमुख सूत्रधार थे। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो भारत मिश्रा की संस्थागत अगुवाई में संपन्न इस योग कार्यक्रम में पूरे उत्साह एवं योग अनुशासन के साथ सहभागियों में संधि योग,   ॐ उच्चारण, आसन , सूर्य नमस्कार प्राणायाम, संकल्प आदि का अभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ खेल परिसर में बनाए गए योगासन मंच में भारत माता के तैल चित्र पर संतोषी अखाड़ा के महंत राम जी दास, दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवनदास, जानकी महल के महंत सीता शरण दास, गायत्री शक्तिपीठ के प्रमुख डॉ रामनारायण शास्त्री, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी डॉ वी के जैन, सीएमओ विशाल सिंह एवं कुलसचिव नीरजा नामदेव द्वारा किए गए  माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ।
तत्पश्चात सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट ट्रस्ट के योग शिक्षक डॉ तुषार कांत शास्त्री ने योग , आसन,प्राणायाम कराया। दीन दयाल शोध संस्थान के दशरथ प्रजापति ने सूर्य नमस्कार कराया। संपन्न गतिविधियों की श्रृंखला में संधि योग,संधि चालान क्रिया, ताड़ासन वृक्षासन, त्रिकोणासन,भद्रासन, भुजंगासन सेतुबंध आसन, पवनमुक्तासन, शव आसन, कराया गया। सूर्य नमस्कार  अभ्यास के बाद प्राणायाम, अनुलोम विलोम, कपाल भाती,  भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। अभ्यास के दौरान मुख्य मंच से निर्देशन कर रहे योग प्रशिक्षकों के अनुशासन एवं मार्गदर्शन संबोधन के दौरान योगाभ्यासियों को आसन,प्राणायाम , सूर्य नमस्कार से होने वाले लाभों एवं  सावधानियां का वर्णन भी कर रहे थे। स्वयं के लिए योग, समाज के लिए योग के सामूहिक संकल्प का वाचन भी किया गया।
इस अवसर पर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा ने सामूहिक योग कार्यक्रम के लिए आए लोगों का स्वागत करते हुए कहा की प्रसन्नता का विषय है कि इस विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति भारत रत्न राष्ट्र ऋषि नाना जी देशमुख की भावना के अनुरूप चित्रकूट के लोग ग्रामोदय विश्वविद्यालय में योगाभ्यास के लिए एकत्रित हुए हैं। ग्रामोदय विश्वविद्यालय अपनी स्थापना कल से योग की अकादमिक गतिविधियां निरंतर संचालित कर रहा है। कुलगुरु प्रो मिश्रा ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अकादमिक विकास की चर्चा करते हुए विश्वविद्यालय द्वारा संचालित नवाचारों एवं राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला।
सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के प्रमुख ट्रस्टी डॉ  वी के जैन ने कहा कि चित्रकूट की संस्थाओं द्वारा एक साथ एकत्र होना स्वयं में एक योग है। योग व्यक्ति और समाज के सामंजस्य पूर्ण कार्य संयोजन का विशिष्ट माध्यम है योग को अपनी दिनचर्या में अपना कर व्यक्ति और भी गतिशील बन सकता है। योग से प्रकृति एवं आध्यात्म के सन्निकट पहुंचा जा सकता है। चिकित्सीय दृष्टिकोण से समझाते हुए डॉ  वी के जैन ने स्वास्थ्य में योग के महत्व को प्रतिपादित किया।
 संतोषी अखाड़ा के महंत श्रीराम जी दास ने अपने आशीर्वचन में मानव जीवन में योग के महत्व को बताते हुए बताते हुए इसे नित्य दिनचर्या में शामिल करने का आवाहन किया। उन्होंने योग के लाभों के अनेक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि योग के माध्यम से व्यक्ति अपने और समाज के विकास में सार्थक योगदान कर सकता है।

 सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम के सूत्रधार दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने पूरे विश्व में मनाई जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व को बताते हुए चित्रकूट में आयोजित होने वाले सामूहिक योग के इस विशेष कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डाला और कहा कि हार्दिक प्रसन्नता का विषय है कि भारत रत्न राष्ट्र ऋषि नाना जी के संकल्प को यथार्थ का धरातल प्रदान करने में चित्रकूट की सभी संस्थाओं और लोग मिलकर जुटे हुए हैं। उन्होंने चित्रकूट में मिल जुल कर काम करने की संस्कृति को विकसित करने के प्रयासों के रूप में 21 जून को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम एवं रामनवमी को चित्रकूट गौरव कार्यक्रम को एक सफल कदम बताया। कार्यक्रम के मध्य ग्राम दर्शन  पर बनाए गए सेल्फी पॉइंट में लोगों ने जाकर पूरे उत्साह के साथ अपनी फोटो खिंचवाई।
 इस अवसर पर सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट, महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती उषा जैन, राजेंद्र मिश्रा, वयोवृद्ध राम नारायण सोनी, पी एल अवस्थी, प्रबल श्रीवास्तव, डॉ अश्विनी अवस्थी आदि गणमान्य लोगों सहित ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, अनुभागाध्यक्ष, निदेशक, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रही।