ओमान तट पर जहाजों पर हमलों को लेकर भारत का कड़ा विरोध
अमेरिकी शीर्ष राजनयिक फिर तलब
नई दिल्ली, ओमान के तट के निकट वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों और भारतीय नागरिकों की मौत के मामले में भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिक जेसन मीक्स को एक बार फिर विदेश मंत्रालय में तलब किया है। हाल के दिनों में यह दूसरा अवसर है जब भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिकी मिशन से औपचारिक जवाब मांगा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान तट के पास हुए ताजा हमले में भारतीय चालक दल के सदस्य सवार एक जहाज को निशाना बनाया गया। इससे पहले हुए एक अन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनके प्रारंभिक रूप से लापता होने की सूचना मिली थी।
40 मिनट चली अहम बैठक
विदेश मंत्रालय में अमेरिका मामलों के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू ने अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब कर भारत की गंभीर चिंता और कड़ा विरोध दर्ज कराया। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब 40 मिनट तक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और तीन भारतीय नाविकों की मौत पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। बताया जा रहा है कि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर फिलहाल राजधानी से बाहर हैं, जिसके चलते अमेरिकी पक्ष का प्रतिनिधित्व जेसन मीक्स ने किया।
भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हमलों से बढ़ी चिंता
भारत ने विशेष रूप से उन घटनाओं पर चिंता जताई है जिनमें भारतीय नाविकों की मौजूदगी वाले वाणिज्यिक जहाज प्रभावित हुए। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार को ओमान के सोहर बंदरगाह के निकट पलाऊ ध्वज वाले एक टैंकर पर हमला हुआ था। बताया गया कि हमले के बाद जहाज के इंजन कक्ष में आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई।
इससे पहले भी निशाना बना था भारतीय जहाज
इस घटना से पहले सोमवार को एक अन्य भारतीय चालक दल वाले जहाज पर भी हमला हुआ था। उस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया था।
ताजा घटनाक्रम गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के आरोपों के बीच जहाज के इंजन कक्ष को निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
जवाब और स्पष्टीकरण का इंतजार
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता से देखता है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पक्ष से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत जानकारी और स्पष्टीकरण मांगा है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। भारत आने वाले दिनों में इस मामले पर आगे की कूटनीतिक कार्रवाई और प्राप्त जवाबों के आधार पर अपना रुख तय करेगा।
देश
दुनिया
मनोरंजन
खेल
छत्तीसगढ
हरियाणा
दिल्ली
धार्मिक
व्यापार
टेक & ऑटो
शिक्षा
स्वास्थ्य
आंध्र प्रदेश
तेलंगाना
सिक्किम
ओड़िशा
झारखंड
असम
नागालैण्ड