दूसरे चरण में शनिवार को स्कूल प्रबंधको के साथ हुई बैठक, चार अन्य स्कूलों की एसडीएम करेंगे जांच
अभिभावकों पर किताबों का बोझ नहीं पड़े, एमआरपी पर छूट मिलें, प्रबंधन सुनिश्चित करें
CURATED BY – LAKESH PANCHESHWAR | CITYCHIEFNEWS
बालाघाट, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने शनिवार को स्कूल संचालकों के साथ दूसरे चरण की बैठक की। दूसरे चरण में उन स्कूलों को बुलाया गया जो पहले शेष रह गए थे। साथ ही वे स्कूल जिन्होंने ऑनलाइन इंट्री नहीं कि थी। शनिवार को करीब 19 स्कूलों के साथ विस्तृत रूप से ड्रेस,फीस,पुस्तकें और अन्य प्रबंधन के विषयों पर जानकारी ली गई। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने स्कूल वार पृथक-पृथक रूप से बैठक कर स्पष्ठ रूप से कहा कि अभिभावकों पर किताबों का बोझ नहीं पड़ना चाहिए।अगर किताबें या पब्लिशर लगातार बदली जा रही है और चुनिंदा बुक स्टोर्स पर ही मिल रहीं है तो एमआरपी पर छूट मिलनी चाहिए। यह सुनिश्चित कराना संबंधित स्कूल प्रबंधन का ही कार्य है। बैठक के दौरान किताबों, फीस,सीबीएसई के नाम पर अभिभावकों को गुमराह करने वाले स्कूल और स्कूल से ही किताबें देने वाले स्कूलों की जांच के निर्देश दिए है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री एके उपाध्याय, डीपीसी डॉ. महेश शर्मा और ट्रेसरी ऑफिसर श्री अमित मरावी मौजूद रहे।
जांच में इन स्कूलों को किया शामिल
शनिवार को हुई बैठक में 4 स्कूलों की जांच के निर्देश कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने दिए है। इनमें वैदिक कॉन्वेंट स्कूल लालबर्रा, डीपीएस खुरसोड़ी,शैमरॉक और ग्रीस पब्लिक स्कूल शामिल है। वैदिक पब्लिक स्कूल ने वर्ष 2021 में पुस्तको के पब्लिशर बदला था। इसके बाद 2024 में भी बदल दिया। जबकि बदले हुए पब्लिशर की किताबें चुनिंदा बुक स्टोर्स ओर ही उपलब्ध है। वहीं स्कूल प्रबंधन को यह भी जानकारी नहीं है कि एमआरपी पर छूट दी गई है या नहीं ? कुछ ऐसा ही मामला खुरसोड़ी की डीपीएस स्कूल का भी है।
शैमरॉक स्कूल को एमपी बोर्ड की मान्यता है लेकिन अभिभावकों को सीबीएसई की मान्यता होने की गलत जानकारी दी गई। मान्यता के नाम पर गुमराह करने के मामलें में अभिभावकों द्वारा शिकायत की गई है। इसकी जांच करने के लिए एसडीएम को नियुक्त किया गया है।
ग्रीस पब्लिक स्कूल रजेगांव की शिकायत प्राप्त हुई
ग्रीस पब्लिक स्कूल की लिखित में शिकायत में प्राप्त हुई कि स्कूल से ही किताबें मिल रही है। स्कूल द्वारा प्रदान की जाने वाली किताबों की कीमत भी तय है। इस मामलें में भी कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने एसडीएम को जांच करने के निर्देश दिए है।