CURATED BY – GUARAV SINGHAL | CITYCHIEFNEWS

सहारनपुर, मोक्षायतन योग संस्थान द्वारा 101 दिन पहले बहाई गई योग की अविरल धारा में स्नान करने हेतु आज दंत चिकित्सक भी सम्मिलित हुए। योग गुरु पदम श्री भारत भूषण ने आज स्वांस विज्ञान के बारे में विस्तार से बताया कि किस प्रकार योग साधना के द्वारा  स्वांस के सही उपयोग से हम अपना जीवन और बढ़ा सकते हैं। किसी भी कार्य को और बेहतर कर सकते हैं और श्रेष्ठ जीवन जी सकते हैं। योग गुरु भारत भूषण ने विरेचन क्रिया का लाभ बताया कैसे अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखते हुए हृदय को अधिक मजबूत और नाभि को संतुलित व स्थिर बनाए  रख सकते हैं। उन्होंने डॉक्टर्स को उड़ियान बंध व अग्निसार क्रिया का अभ्यास कराते हुए भारत योग द्वारा विश्व को दी गई योग गतियों के बारे में भी बताया। गुरु देव ने 101  दिनों से  चलती आ रही इस योग संस्कार श्रृंखला को वैदिक यज्ञ द्वारा पूर्ण करते हुए ये संदेश दिया की योग गंगा निरंतर बहती रहनी चाहिए और ये तभी संभव है जब हम दैनिक जीवन में योग सूत्रोंको अपनाएं। आज इस समारोह में डेंटल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉक्टर शैलजा चटर्जी, सचिव आयुष धवन और डाक्टर ऋषभ रंजन,डॉक्टर मेदीरत्ता आदि उपस्थित रहे। स्वामी भारत भूषण ने योग को आरोग्य और आनंद का साधन बताते हुए कहा कि वह आनंद हमे अपने भीतर ही खोजना होगा। उन्होंने कहा कि दांत चिकित्सकों को इस बात पर आनंदित और गौरवान्वित होना चाहिए कि वह लोगों को खाने पचाने लायक बनाने के  साथ हंसने और मुस्कुराने लायक बना देते हैं वरना सामने का एक दांत टूट जाने पर भी इंसान मुस्कुराना भूल जाता है।