राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर इमरान मसूद का बड़ा बयान
बोले- "अखिलेश यादव हवा में बात नहीं करते
नई दिल्ली/सहारनपुर। अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा करोड़ों रुपये के चढ़ावे के गायब होने का दावा किए जाने के बाद अब कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव बिना तथ्यों के कोई बात नहीं करते। उन्होंने कहा, **"अखिलेश यादव ने कोई न कोई बात तथ्यात्मक ही कही होगी। वह हवा में थोड़ी बात करते हैं।"**
अखिलेश ने उठाए थे चढ़ावे में गड़बड़ी के सवाल
इससे पहले कन्नौज से सांसद और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की राशि गायब पाई गई है। उन्होंने इसे विश्वभर के राम भक्तों की आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की थी।
अखिलेश यादव ने कहा था कि यह मामला मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक है और अब तक कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति स्पष्ट जवाब देने के लिए सामने नहीं आया है। उन्होंने प्रदेश सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया।
ट्रस्ट ने आरोपों को किया खारिज
विवाद बढ़ने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सफाई देते हुए कहा कि ट्रस्ट का नियमित अंतराल पर आंतरिक ऑडिट कराया जाता है, जिसमें ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी ऑडिट की प्रक्रिया जारी है और अब तक किसी प्रकार की कोई विशेष अनियमितता सामने नहीं आई है।
"गलती हुई होगी तो भगवान राम दंड देंगे" : दिनेन्द्र दास
वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासी और निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई गलत कार्य किया है तो भगवान राम स्वयं उसे दंडित करेंगे।
उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की गलती या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों को उसके परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार द्वारा लिए जाने वाले किसी भी निर्णय को ट्रस्ट स्वीकार करेगा।
चंपत राय की सफाई से संतुष्ट नहीं अखिलेश
चंपत राय के बयान के बाद भी अखिलेश यादव ने अपनी आपत्ति बरकरार रखी। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि ट्रस्ट की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण स्वयं स्पष्ट नहीं है।
सपा प्रमुख ने कहा कि ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए और आंकड़ों के मिलान के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्पष्टीकरण आने में कई घंटे लगना और उसके बाद भी बेहद संक्षिप्त जवाब दिया जाना कई सवाल खड़े करता है। अखिलेश ने कहा कि प्रदेश सरकार की चुप्पी और ट्रस्ट की सफाई दोनों ही संदेह को और बढ़ा रही हैं।
राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। एक ओर विपक्ष पारदर्शिता और जांच की मांग कर रहा है, वहीं ट्रस्ट लगातार यह दावा कर रहा है कि ऑडिट प्रक्रिया नियमित रूप से चल रही है और अब तक किसी तरह की वित्तीय अनियमितता सामने नहीं आई है।
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