अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक 22 जुलाई को शाम 4 बजे अयोध्या में आयोजित होगी। बैठक में ट्रस्टी विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट, यदि तब तक उपलब्ध हो जाती है, तो उस पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके अलावा ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन, पिछली बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि तथा अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी निर्णय लिया जाएगा।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले ने देशभर में चर्चा का विषय बनने के बाद मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं।

 चढ़ावा चोरी के मामले के बाद बदला ट्रस्ट का ढांचा

चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की पिछली बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए थे। इसके बाद मंदिर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई प्रशासनिक बदलाव किए गए।

ट्रस्ट ने मंदिर के संचालन को नई व्यवस्था देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर नियुक्ति के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि जल्द ही मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी नए सीईओ को सौंपी जा सकती है।

 क्या है चढ़ावा चोरी का मामला?

रामलला के दर्शन के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं और मंदिर में नकद राशि, सोना-चांदी सहित बड़ी मात्रा में चढ़ावा अर्पित किया जाता है। इसी बीच यह मामला सामने आया कि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे में कथित रूप से चोरी की जा रही थी।

मामले के सामने आने के बाद जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कथित चोरी में शामिल कुछ लोग मंदिर में सेवा से जुड़े हुए थे। मामले के बाद ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर निगरानी और प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही के आरोप भी लगे।

 SIT रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

22 जुलाई की बैठक में यदि SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देती है तो ट्रस्ट उसके निष्कर्षों पर चर्चा करेगा और आवश्यक निर्णय ले सकता है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर मंदिर प्रबंधन व्यवस्था में आगे भी सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।

 कांग्रेस ने भी उठाई व्यापक जांच की मांग

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन, श्रद्धालुओं से प्राप्त नकदी, सोना-चांदी सहित सभी प्रकार के चढ़ावे के प्रबंधन की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

हालांकि, इन मांगों पर अभी केंद्र सरकार या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।