नई दिल्ली, दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर आज 'भारत बंद' का आह्वान किया है। भारत बंद का बसपा, आरजेडी और चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी समेत कई दलों ने समर्थन किया है। बिहार में भारत बंद का असर देखा जा रहा है। कई जिलों में प्रदर्शन और रोड जाम की सूचनाएं आ रही हैं। 

भारत बंद बुलाने वालों की है ये मांग

संगठन ने हाल में सुप्रीम कोर्ट की सात न्यायाधीशों की पीठ द्वारा सुनाए गए फैसले के प्रति विपरीत दृष्टिकोण अपनाया है, जो उनके अनुसार, ऐतिहासिक इंदिरा साहनी मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ द्वारा लिए गए फैसले को कमजोर करता है, जिसने भारत में आरक्षण की रूपरेखा स्थापित की थी। एनएसीडीएओआर ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस फैसले को खारिज किया जाए क्योंकि यह अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है। संगठन एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर संसद द्वारा एक नये कानून को पारित करने की भी मांग कर रहा है जिसे संविधान की नौवीं सूची में समावेश के साथ संरक्षित किया जाए। 

भारत बंद को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
पूरे देश में आज भारत बंद है। संभावित अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जिलों में अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। संवेदनशील क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हाई अलर्ट पर रखा गया है। 

भारत बंद में मार्केट खुलेंगे या बंद, जानें ताजा अपडेट
 विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने वाले समूह ने सभी व्यापारिक संगठनों से बाजार बंद रखने का आग्रह किया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बाजार वास्तव में बंद होंगे या नहीं। क्योंकि बाजार समितियों से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। भारत बंद से सार्वजनिक परिवहन और निजी कार्यालयों पर असर पड़ सकता है। एम्बुलेंस सहित आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी। 

बैंक- स्कूल-पेट्रोल पंप क्या खुले रहेंगे
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत बंद के आह्वान के बावजूद सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप चालू रहेंगे। इसके अलावा, आपातकालीन सेवाएं जैसे चिकित्सा, पेयजल, सार्वजनिक परिवहन, रेल सेवाएं और बिजली सेवाएं खुली रहेंगी।

बिहार के जहानाबाद में भारत बंद का असर
जहानाबाद - SC-ST के आरक्षण में क्रिमीलेयर लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के विरोध में आज भारत बंद, बंद के दौरान समर्थकों ने ऊंटा मोड़ के समीप NH-83 को किया जाम, जाम से अभ्यर्थियों को हो रही है सबसे ज्यादा परेशानी, एनएच-83 पर लगी वाहनों की लंबी कतार

भारत बंद का कौन-कौन सी पार्टियां कर रहीं समर्थन
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति समेत कई दलित संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। भारत बंद को कई राजीनितक दल भी समर्थन कर रहे हैं। इनमें बसपा, आरजेडी, चंद्रशेखर आजादा की आजाद समाज पार्टी समेत कई छोटे दल भी शामिल हैं। 

मायावती ने भारत बंद का समर्थन किया
मायावती ने भारत बंद का समर्थन किया है। मायावती ने ट्वीट कर कहा कि बीएसपी का भारत बंद को समर्थन, क्योंकि भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों के आरक्षण विरोधी षडयंत्र एवं इसे निष्प्रभावी बनाकर अन्ततः खत्म करने की मिलीभगत के कारण 1 अगस्त 2024 को SC/ST के उपवर्गीकरण व इनमें क्रीमीलेयर सम्बंधी मा. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध इनमें रोष व आक्रोश। इसको लेकर इन वर्गों के लोगों द्वारा आज ’भारत बंद’ के तहत सरकार को ज्ञापन देकर संविधान संशोधन के जरिए आरक्षण में हुए बदलाव को खत्म करने आदि की माँग जबरदस्त, जिसे बिना किसी हिंसा के अनुशासित व शान्तिपूर्ण तरीके से किये जाने की अपील।

गिरिडीह में ट्रेनें रोकी, हजारीबाग में राहगीरों को पीटा
 भारत बंद का झारखंड के हजारीबाग, धनबाद, चाईबासा, गिरिडीह, रांची और रामगढ़ सहित कई अन्य शहरों में व्यापक असर पड़ा है।  बंद समर्थकों ने रांची-जमशेदपुर, रांची-पटना और गिरिडीह-रांची मार्ग में कई जगहों पर जाम लगाया है। गिरिडीह में कुछ ट्रेनों को भी रोका गया है। बंद को झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। हजारीबाग में सड़क पर उतरे बंद समर्थकों ने कई राहगीरों के साथ मारपीट भी की है। यहां रांची-पटना रोड को जाम कर दिया गया। शहर और कस्बों में दुकानें बंद करा दी गईं। बस स्टैंड से गाड़ियां नहीं खुलने दी गईं। पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में झारखंड से बंगाल और ओडिशा को जोड़ने वाले हाईवे को जाम कर दिया गया है। इन दोनों राज्यों से आवागमन पूरी तरह ठप है। जमशेदपुर शहर में एनएच 33 डिमना चौक व कांदरबेड़ा रोड को जाम कर दिया गया है। चाईबासा में बंद समर्थकों ने बाजार और दुकानें बंद करा दीं। यहां शहर में प्रवेश करने वाली सभी सड़कों को जाम कर दिया गया है।

झारखंड के कई जिलों में बंद का असर
 एससी-एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर और उपवर्गीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आहूत भारत बंद का झारखंड के हजारीबाग, धनबाद, चाईबासा, गिरिडीह, रांची और रामगढ़ सहित कई अन्य शहरों में व्यापक असर पड़ा है।  बंद समर्थकों ने रांची-जमशेदपुर, रांची-पटना और गिरिडीह-रांची मार्ग में कई जगहों पर जाम लगाया है।
दुमका में भीम आर्मी, छात्र समन्वय समिति और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकर्ताओं ने सड़क और दुकानों को बंद करवा दिया। शहर की फूलों झानो चौक पर ट्रकों को जाम कर दिया गया, और जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने बस स्टेशन और टिन बाजार से बसों के परिचालन को बंद कराया। दुमका शहर में सभी दुकानें बंद रहीं। कई चौक चौराहों को भी बंद समर्थकों ने जाम कर दिया।

हापुड़ में भारत बंद के दौरान प्रदर्शन
हापुड़ में भारत बंद के दौरान विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। बसपा, सपा, और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया और दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जाम लगाया। डीएम प्रेरणा शर्मा ने बताया कि वे लगातार राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से बातचीत कर रहे हैं और शांतिपूर्वक ज्ञापन प्राप्त कर रहे हैं। बसपा जिलाध्यक्ष डॉ एके कर्दम ने भी संविधान में छेड़छाड़ की आलोचना की और इसे बंद करने की मांग की।

राजस्थान के टोंक में भी भारत बंद का असर
राजस्थान के टोंक में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। सामाजिक संगठनों ने बैरवा धर्मशाला से आक्रोश रैली निकाली, जो शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई अम्बेडकर खेल स्टेडियम तक पहुंची। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पुलिस के जवान तैनात रहे। व्यापार मंडल ने इस रैली और बंद का समर्थन किया है, जिससे बाजार पूरी तरह बंद रहा।