ठेकेदारों के सामने जिम्मेदारों का सरेंडर इसलिए बढ़ने लगे अवैध वेंडर्स..
कुंभकर्ण की भूमिका निभाने तक सीमित जबलपुर मंडल के आला अधिकारी..
CURATED BY – UMESH KUSHWAHA | CITYCHIEFNEWS
सतना, भारतीय रेलवे की मंशा पर पानी फेरते हुए अवैध वेंडरों को बढ़ावा देने का खेल जमकर किया जा रहा है। जबलपुर रेल मंडल के सतना जंक्शन स्टेशन पर तैनात रेलवे पुलिस, जीआरपी और स्टेशन प्रबंधन के अधिकारी वेंडर्स को चलाने वाले लाइसेंसी ठेकेदारों के सामने शरणागत हो गये हैं। बस यही वजह है कि गैर कानूनी होने के बाद भी रेलगाड़ियों सहित सतना और मानिकपुर रेलवे स्टेशन के बीच अवैध वेंडर्स बढ़ाने का काम खुलेआम किया जा रहा है। रेलगाड़ियों में धड़ल्ले से घुसने वाले अवैध वेंडर्स आपको रंग बिरंगी टी शर्ट में नजर आएंगे। बताया जाता है कि जबलपुर रेल मंडल ने सतना जंक्शन सहित मानिकपुर स्टेशन तक वेंडर्स उपलब्ध कराने के लिए आधा दर्जन ठेकेदारों को ठेका दिया है। वही ठेकेदार सतना जंक्शन के खाऊ अधिकारियों, आरपीएफ और जीआरपी के खुले संरक्षण में आधा सैकड़ा से अधिक अवैध वेंडर्स दौड़ा रहे हैं। ठेकेदारों के इशारे पर स्टेशन के अधिकारी और पुलिस तमाशबीन बनकर तमाशा देख रही है। हर महीने ठेकेदारों से मिलने वाली चढ़ोत्तरी के कारण आरपीएफ, जीआरपी और प्रबंधन के जिम्मेदारों ने अपनी आंखों को बंद कर लिया है। बढ़ते अवैध वेंडरों के गंभीर मामले में जबलपुर रेल मंडल के आला अधिकारी केवल कुंभकर्ण की भूमिका का निर्वहन करते तक सीमित रह गए हैं। सतना और मानिकपुर स्टेशन के बीच अवैध वेंडर्स दौड़ाने वाले ठेकेदारों में चुन्नू खटिक, मुन्नू खटिक, विष्णु यादव, विष्णु खटिक सहित अन्य शामिल हैं।
खुलेआम बिकता है नशीला पदार्थ, निरंकुश हालात..
बताया जाता है कि जबलपुर रेल मंडल ने जिस सामग्री के लिए वेंडर्स सप्लाई का ठेका ठेकेदारों को दिया है उसे नजर अंदाज करते हुए नशा को बढ़ावा दिया जा रहा है। सारे नियम कायदे को तिलांजलि देते हुए आधा सैकड़ा से अधिक अवैध वेंडर्स मुसाफिरों को विभिन्न कंपनी का तंबाकू युक्त गुटखा और सिगरेट उपलब्ध करवाते हैं। इस नशे के बदले अवैध वेंडर्स रेलगाड़ियों में सफर करने वाले मुसाफिरों से अवैध वसूली करते हैं। इस पूरे खेल को आरपीएफ, जीआरपी और प्रबंधन के सहयोग से मुकम्मल किया जा रहा है। सतना जंक्शन रेलवे स्टेशन के हालात पूरी तरह निरंकुश हो चुके हैं, यही वजह है कि अवैध वेंडर्स वाणिज्य विभाग, स्टेशन प्रबंधन, आरपीएफ और जीआरपी को नजर नहीं आते हैं। पश्चिम मध्य रेलवे जोन के महाप्रबंधक, जबलपुर डीआरएम, सीनियर डीसीएम और आरपीएफ कमांडेंट से ही उम्मीद है कि वे सतना और मानिकपुर स्टेशन के बीच पनप रही अवैध वेंडर्स की समस्या का समाधान करें, जिससे यात्री सुरक्षित रहें।