CURATED BY – SUNIL YADAV | CITYCHIEFNEWS

कटनी, कटनी गोलबाजार रामलीला मैदान में चारो ओर कब्जा हो गया है। अतिक्रमण की वजह से रामलीला मैदान का अस्तित्व खतरे में नजर आ रहा है। रामलीला मंच के दायी तरफ राम दरबार की स्थापना करते हुए करीब 2 हजार वर्गफुट जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है वही यहां नगर निगम द्वारा दो करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम निर्माण की योजना तैयार की गई है, जिससे आने वाले समय रामलीला मंचन के आयोजन पर संकट मंडरा रहा है। यह आरोप गोलबाजार रामलीला कमेटी ने पत्रकार वार्ता में लगाते हुए शासन प्रशासन से तत्काल कार्यवाही की मांग की है। कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी एडव्होकेट भरत अग्रवाल ने बताया कि गोलबाजार रामलीला मैदान में वर्ष 1884 से रामलीला का सफल मंचन होता आ रहा है। शहर की सबसे पुरानी रामलीला कमेटी द्वारा हर साल सफलता पूर्वक रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस साल भी 25 सितम्बर से रामलीला का मंचन किया जाएगा। समाजसेवी रवि खरे ने बताया कि इसके करीब एक सप्ताह पहले भूमिपूजन किया जाएगा। लेकिन विडम्बना है कि अभी तक रामलीला मैदान में व्याप्त अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही नहीं की गई है, जबकि मैदान में चारों तरफ अवैध कब्जा हो गया है। कतिपय लोगों ने यहां राम दरबार की स्थापना कर दी है। रात के समय मैदान असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है। जिनकी वजह से कई तरह की दिक्कतें हो रही है। उन्होंने बताया कि हर साल प्रशासन द्वारा एक महीने के लिए मैदान को खाली कराकर गोलबाजार रामलीला कमेटी को सौंपा जाता है लेकिन इस बार ऐसा होता नहीं दिख रहा। इसके पीछे मुख्य कारण रंगमंच के दायी तरफ अवैध कब्जा है। कमेटी द्वारा इस अवैध कब्जे की शिकायत पुलिस एवं प्रशासन से की गई थी।

रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नष्ट करने का कुत्सित प्रयास नगर निगम प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। शहर में कई ऐसी जगह है, जहां पर ऑडिटोरियम का निर्माण किया जा सकता है लेकिन नगर निगम ने ऑडिटोरियम निर्माण के लिए गोलबाजार रामलीला मैदान का ही चयन किया, यह समझ से परे है। 2 करोड़ रुपये की लागत से यहां पर बनने जा रहे ऑडिटोरियम के निर्माण के बाद रामलीला का मंचन कैसे होगा और हजारों की तादात में आने वाले दर्शक कहां बैठकर रामलीला का लुत्फ उठाएंगे, एसक नगर निगम प्रशासन के पास कोई जबाव नहीं है,ऑडिटोरियम में 200 से 250 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी और टिकट काउंटर भी बनाया जाएगा। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने ऑडिटोरियम निर्माण की योजना का विरोध करते हुए कहा कि शहर और जनहित में यह ठीक नहीं है।