केरल के वायनाड में मूसलाधार बारिश के बाद आए सैलाब में कई जिंदगियां तबाह हो गईं. सोमवार देर रात हुए लैंडस्लाइड में कई गांव तबाह हो गए. सैलाब ने सड़कें और पुल को भी बहा लिया. अब तक 50 से ज्यादा की मौत हो चुकी और कई लोग लापता हैं. NDRF की टीम मौके पर मौजूद है, राहत-बचाव अभियान जारी है. स्थानीय प्रशासन की तरफ से बयान जारी कर बताया गया कि भारी बारिश के बाद रात 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच 3 बड़े भूस्खलन हुए. भूस्खलन के बाद चूरलमाला शहर का एक हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो गया.

हर तरफ तबाही का मंजर
वायनाड में ऊंचाई पर स्थित गांवों में भूस्खलन के बाद तबाह हुए मकान, उफनती नदियां और उखड़े हुए पेड़ों के विचलित करने वाले दृश्य नजर आए. एक दिन पहले तक अपने मनोरम दृश्यों के लिए मशहूर मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टमाला और नूलपुझा गांवों की अब भूस्खलन की चपेट में आने के बाद तस्वीर बदल गई है और अन्य हिस्सों से उनका संपर्क टूट गया है. बाढ़ के पानी में बहे वाहनों को कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियों में फंसे और यहां-वहां डूबे हुए देखा जा सकता है. उफनती नदियों ने अपना मार्ग बदल लिया है और वे रिहायशी इलाकों में बह रही हैं, जिससे और विनाश हो रहा है.

राहत-बचाव अभियान जारी
पहाड़ियों से लुढ़कते बड़े-बड़े पत्थर बचावकर्मियों के रास्ते में बाधा पैदा कर रहे हैं. बचाव कार्यों में जुटे लोगों को भारी बारिश के बीच शवों और घायलों को एम्बुलेंस तक ले जाते हुए देखा जा सकता है. भूस्खलन की घटनाओं के कारण बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए हैं और बाढ़ के पानी ने हरे-भरे क्षेत्रों को नष्ट कर दिया है. प्राधिकारियों ने बताया कि वायनाड जिले में भूस्खलन के कारण तीन बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है.

एक के बाद एक तीन लैंडस्लाइड
रिपोर्ट के मुताबिक, वायनाड में सोमवार से भारी बारिश हो रही है. लगातार हो रही भारी बारिश की भूस्‍खलन की वजह बनी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बारिश के दौरान सोमवार रात करीब एक बजे मुंडक्कई कस्बे में पहला लैंडस्लाइड हुआ. इसके बाद बचाव अभियान शुरू हुआ और फिर सुबह 4 बजे चूरलमाला स्कूल के पास दूसरा भूस्खलन हुआ. इसके बाद सुबह होने से पहले ही तीसरा लैंडस्लाइड हुआ.

मौसम विभाग ने जारी किया ‘रेड अलर्ट’
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन की चपेट में आए केरल के वायनाड जिले और पड़ोसी मलप्पुरम, कोझीकोड और कन्नूर जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया. IMD ने वायनाड समेत चार जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’, जबकि तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर राज्य के सभी अन्य जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. ‘रेड अलर्ट’ 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक की भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को दर्शाता है. वहीं, ‘ऑरेंज अलर्ट’ का मतलब 11 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर की बहुत भारी बारिश होता है. ‘येलो अलर्ट’ का मतलब छह सेंटीमीटर से 11 सेंटीमीटर के बीच बहुत भारी बारिश होता है.

PM मोदी ने विजयन से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को संकट से निपटने के लिए केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने इस हादसे में मारे गए हर व्यक्ति के निकट परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की.

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘वायनाड में कुछ जगहों पर भूस्खलन की खबर से व्यथित हूं. मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजन को खोया है और जो घायल हुए हैं, मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. प्रभावित लोगों की मदद के लिए बचाव अभियान जारी है. केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन से बात की और वहां उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया.’