गृह मंत्री अमित शाह ने दी सफाई
कांग्रेस पर लगाया बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप
राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने भीमराव आंबेडकर के नाम का जिक्र करते हुए कहा, “आजकल आंबेडकर-आंबेडकर का नाम जपना फैशन बन गया है.” उन्होंने कहा कि अगर लोग भगवान का इतना नाम लेते, तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता. इस टिप्पणी ने विपक्षी दलों को आक्रामक बना दिया. राहुल गांधी, ममता बनर्जी, मायावती और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं ने अमित शाह से माफी मांगने की बात कही. कांग्रेस ने इसे दलित समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बयान करार दिया.
संसद और सड़क पर हंगामा
इस बयान के बाद संसद में भी हंगामा मच गया. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. कांग्रेस के सांसदों ने भीमराव आंबेडकर के बैनरों के साथ प्रदर्शन किया. प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने अमित शाह पर निशाना साधा. दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई. आम आदमी पार्टी ने भी इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन का ऐलान किया. अरविंद केजरीवाल ने इसे दिल्ली चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाने की बात कही.
भाजपा की सफाई और किरेन रिजिजू का जवाब
भाजपा के सांसद किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस बार-बार बाबा साहेब के नाम का दुरुपयोग करती है. उन्होंने खुद को बाबा साहेब के बताए रास्ते पर चलने वाला बौद्ध बताया. रिजिजू ने यह भी कहा कि 1951 में बाबा साहेब के इस्तीफे के 71 साल बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक बौद्ध को मंत्री बनाया. उन्होंने बाबा साहेब से जुड़े पांच तीर्थ स्थलों और उनकी 450 फुट ऊंची प्रतिमा के निर्माण का जिक्र कर भाजपा की तरफ से सम्मान का दावा किया.
अमित शाह की सफाई और राजनीतिक माहौल
विवाद को शांत करने के लिए अमित शाह ने खुद मीडिया से बात करने का फैसला किया. माना जा रहा है कि उन्होंने इस मुद्दे पर पीएम मोदी से भी चर्चा की. अमित शाह का यह बयान विपक्ष के लिए एक बड़ा हथियार बन गया है. भाजपा को आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. इस विवाद ने भाजपा और कांग्रेस के बीच नई राजनीतिक लड़ाई छेड़ दी है. अब देखना होगा कि अमित शाह की सफाई से यह मामला शांत होगा या और बढ़ेगा.