CURATED BY – DHEERAJ KUMAR AHIRWAL | CITYCHIEFNEWS

दमोह, जिसका कोई नहीं, उसका भगवान होता है. यह बात बिल्कुल सत्य है,जहां दमोह के युवाओं ने मानवता का परिचय देते हुए बेसहारा चौकीदार वृद्ध की बीमारी से ग्रस्त होकर इलाज के मौत हो जाने पर युवाओं ने शनिवार शाम को आगे आकर शहर के जटाशंकर स्थित शमशान घाट में जिला अस्पताल चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक शुवनारायण यादव और पोस्टमार्टम करने वाले मुन्ना बाल्मिक की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराकर मिसाल पेश की है. दरअसल जिला अस्पताल दमोह में विगत 15 मार्च को शहर के राय चौराहा स्थित गुजराती के घर में चौकीदारी कर रहे वृद्ध मोहन पिता धनीराम चढ़ार उम्र करीब (74 वर्ष) हथनी निवासी को बीमार हो जाने पर भर्ती कराया गया था, जिसका इलाज जिला अस्पताल में 20 मार्च 2024 तक चलता रहा. इसी दौरान बेसहारा चौकीदार वृद्ध की इलाज के दौरान मौत हो जाने पर शव को सुरक्षित जिला अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया गया था, पुलिस परिजनों की तलाश करती रही लेकिन बेसहारा चौकीदार वृद्ध का कोई न होने पर  आज दूर की भनेजन जुगरानी की विशेष मौजूदगी में पूरी रीती-रिवाज के अनुसार शहर की मित्र मंडली कहे जाने वाले युवाओं ने आगे आकर सामग्री एकत्रित कर अंतिम संस्कार कराया.

मित्र मंडली (युवा टीम) ने मिशाल पेश की

शहर की मित्र मंडली कहे जाने वाले युवा साहिल उर्फ टिंकल बिरमानी ने कहा कि जिसका कोई नहीं होता उसका हम सभी मित्र मंडली (युवा) आगे आकर पूरी रीती-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराते आ रहे हैं, शनिवार को हमारी युवा टीम में जेपी मिश्रा, इजराइल खान, प्रकाश गोस्वामी, जीशान बाबा, राहुल ठाकुर, रोहित शर्मा, करीम खान, मनीष ठाकुर, देव सिंह ठाकुर,लोकेश बाल्मीक, हजारी के अलावा और भी युवाओं ने वृद्ध का अंतिम कराया.