शहडोल में किन्नर महामंडलेश्वर और संतों का महासमागम
सनातन धर्म की घर वापसी और पट्टाभिषेक
शहडोल, सनातन धर्म को आगे बढ़ाने और मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना के उद्देश्य से शहडोल की पावन धरा पर दो दिवसीय भव्य राष्ट्रीय किन्नर महासमागम का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से किन्नर महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और संतों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है।
यह गरिमामयी कार्यक्रम जगद्गुरु काजल ठाकुर मां (भोपाल) के पावन सानिध्य में आयोजित हो रहा है। इस विशाल समागम की मुख्य आयोजक शहडोल से सोनाली पटेल और सिवनी से सिवानी पटेल हैं।
पहले दिन जुड़ाव दूसरे दिन हुआ भव्य पट्टाभिषेक
दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन देशभर से आए संत समाज और किन्नर समुदाय का 'जुड़ाव एवं एकत्रीकरण' हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी सोमवार को मुख्य अनुष्ठानों की श्रृंखला आयोजित हुई।
पट्टाभिषेक: सोमवार को संतों की उपस्थिति में विधि-विधान से 'पट्टाभिषेक' (पदवी सौंपने का उत्सव) संपन्न हुआ।
सनातन धर्म में घर वापसी: इस अवसर पर मंत्रोच्चार और शुद्धिकरण के साथ 6 किन्नरों की सनातन धर्म में घर वापसी करवाई गई।
भव्य शोभायात्रा: शाम 4 बजे से शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो गाजे-बाजे और पारंपरिक उल्लास के साथ मुख्य मार्गों से गुजरी।
"हमें राजनीति या धन-संपत्ति से मोह नहीं, समाज सेवा ही हमारा धर्म"
प्रेस से चर्चा करते हुए जगद्गुरु काजल ठाकुर मां एवं अन्य वरिष्ठ संतों ने दो टूक शब्दों में कहा:
"हमारा किसी भी धर्म से कोई विरोध नहीं है। जो जिस धर्म का है, वह अपनी आस्था से माने। हमारा राजनीति से कोई सरोकार नहीं है और न ही हमें धन-संपत्ति से कोई मोह है। हमें जो भी दान-दक्षिणा मिलती है, उसे हम धर्म-कार्य और समाज सेवा में लगाते हैं।"
अदालत के फैसलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "हम कोर्ट के हर निर्णय का सहर्ष स्वागत करते हैं।" इसके साथ ही उन्होंने समाज को सचेत करते हुए कहा कि, "जो लोग डरा-धमकाकर या दबाव बनाकर अवैध वसूली करते हैं, वे असली किन्नर नहीं हैं।"
वैष्णव और किन्नर अखाड़े की अगुवाई में जुटे देश भर के प्रमुख नाम
यह भव्य आयोजन वैष्णव अखाड़ा मुंबई तथा किन्नर अखाड़ा भोपाल व उज्जैन की अगुवाई में संपन्न हो रहा है। इस समागम में भोपाल, इटारसी, उज्जैन, खण्डवा, सागर, जबलपुर, अमरावती, नागपुर, पिपरिया और बण्डा समेत देश के कई हिस्सों से प्रमुख हस्तियां शामिल हुई हैं।
शामिल होने वाले प्रमुख संत और किन्नर नायक:
सपना नायक, आनंदी आनंद गिरि माता (इन्दौर)
गोलू नायक (रंग महल, सागर)
शांति नायक (पिपरिया)
मट्टू मां (जबलपुर)
महामंडलेश्वर मुस्कान नायक (भोपाल)
सितारा गुरु (खण्डवा)
करिश्मा, काली नंद गिरी
पांचाली गुरु (इटारसी)
रूबी नायक (बण्डा, सागर)
संजना नायक (पिपरिया)
गुड्डी नायक (अमरावती)
उत्तमा मां (नागपुर) एवं अन्य।
यह आयोजन शहडोल के इतिहास में सनातन संस्कृति और किन्नर समाज के कल्याण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
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