CURATED BY – UMESH KUSHWAHA | CITYCHIEFNEWS

सतना, सतना के रामपुर बाघेलान  शासन के आदेश के अनुसार रामपुर में पदसथ  बड़े अधिकारी समय पर उपस्थित ऑफिस कार्यालय में नहीं होते जिनमे एसडीम आर. एन. खरे, तहसीलदार साहब,जनपद पंचायत के सीईओ साहब,परियोजना अधिकारी नदारत रहे तथा इसी तरह बीएमओ साहब, सीएमओ साहब, आज पत्रकारों के लगभग 10_ 11:00 बजे के दौरान यह सभी अधिकारियों की कुर्सी खाली देखने को मिली इसी तरह शिक्षा विभाग के भी बड़े अधिकारियों की कुर्सी लगभग 11:00 बजे खाली मिली जिनमे सी.एम.राईज विद्यालय के प्रिंसिपल,तथा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल की कुर्सी लगभग 11:00 बजे के करीब खाली देखने को मिली,सवाल यह उठ रहा है,कि ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सी अगर खाली रही आएगी तो शासन के आदेशों को चुनौती देते हुए सारासर धजिया उड़ रही है,तथा बेख्व होकर यह सभी अधिकारी अपने मनमानी रुत बोसे बिना डर के काम कर रहे हैं, रामपुर तहसील के सबसे बड़े मालिक यानी कि अधिकारी एसडीएम साहब जिनके कंधों पर हर विभाग की जिम्मेदारी होती है कि औचक निरीक्षण कर इन सभी गैर जिम्मेदार अधिकारियों कोपहुंच कर खैर लेना चाहिए मगर महोदय स्वयं ही समय पर एसडीएम कार्यालय नहीं पहुंचते, इसी तरह रामपुर के सीएमओ साहब जब से इस कुर्सी पर बैठे हैं,अनेकों समस्याओं का नगर पंचायत में बाढ़ सी आ गई है गंदगी, मच्छर, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर दिखाई देता है, सीएमओ साहब के अधीनस्थ उपयंती विश्वजीत कुशवाहा जी को तो कहना ही क्या है, उनका तो कोई कुछ कर ही नहीं सकता लगभग 20 वर्षों से रामपुर में कार्य कर रहे हैं तथा खेल खिलाने में माहिर हैं, आज निरीक्षण के दौरान लगभग 11:00 बजे उनके ऑफिस पर ताला लटका हुआ मिला, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ बीएमओ सतनामी साहब जी को तो कहना ही क्या है उनको तो अपने हॉस्पिटल में भी समय से आने की फुर्सत नहीं रोज बेचारे अमरपाटन से दौरा लगाकर प्रतिदिन फिर अमरपाटन के लिए शाम समय टू व्हीलर गाड़ी से निकल जाते, है
शासन के आदेशानुसार चाहे जिला स्तर हो चाहे तहसील स्तर हो इस समय जो झोलाछाप डॉक्टरों की शहर से लेकर ग्रामीणों तक बाढ़ सी आ गई है,उनको जांच करने के पश्चात तुरंत कार्रवाई करना चाहिए मगर महोदय जी अभी तक एक भी किसी भी प्रकार की जांच इन झोलाछाप डॉक्टरों के ऊपर क्यों नहीं कर पाए सवालिया निशान लगते हैं,
सतना जिले के माननीय कलेक्टर साहब अनुराग वर्मा जी को चाहिए कि इतने वफादार अधिकारी कर्मचारियों के ऊपर अंकुश लगाकर कार्रवाई करना चाहिए जिससे कि शासन के आदेशों का पालन हो सके तथा गरीब जनता का कार्य समय पर हो सके।