नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की मजबूती और अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बने सकारात्मक माहौल का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।

सोने में 2,500 रुपये की तेजी, कीमत पहुंची 1.50 लाख के पार

दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बुधवार को 2,500 रुपये महंगा होकर 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को सोने का भाव 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यह करीब एक महीने का सबसे ऊंचा स्तर है।

वहीं, चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी रही। एक दिन स्थिर रहने के बाद चांदी 6,200 रुपये की छलांग लगाकर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। दोनों प्रमुख कीमती धातुओं में यह तेजी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी का घरेलू कीमतों पर असर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में आई मजबूती का सीधा प्रभाव भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 85.28 डॉलर बढ़कर 4,162.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी भी तीन प्रतिशत से अधिक मजबूत होकर 61.35 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती नजर आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने भी सोने को समर्थन दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका-ईरान संकेतों का असर

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर सामने आए सकारात्मक संकेतों से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका कमजोर हुई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना कम हुई।

हालांकि, बाद में यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से उत्तरी लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हमले की चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा मजबूती देखी गई, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ा।

अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अब निवेशकों का ध्यान अमेरिका के रोजगार संबंधी आंकड़ों पर केंद्रित है। बाजार की नजर एडीपी रोजगार रिपोर्ट, नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर जैसे आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आता है तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

खरीदारों के लिए महंगी हुई खरीदारी, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

सोने और चांदी में आई इस तेजी का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ेगा। आभूषण खरीदने वालों के लिए लागत बढ़ सकती है, जबकि निवेशकों के लिए यह बाजार पर सतर्क नजर रखने का समय है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और अमेरिका के आर्थिक आंकड़े ही तय करेंगे कि कीमती धातुओं का बाजार किस ओर जाएगा।