इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर करीब 1 किलो सोने की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने कार्रवाई करते हुए लगभग 1.28 करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया है। इस मामले में एयरलाइन के कर्मचारियों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अबू धाबी से हो रही थी सोने की तस्करी

डीआरआई के अनुसार, तस्कर अबू धाबी से इंदौर आने वाली उड़ानों के जरिए सोना भारत ला रहे थे। तस्करी के लिए सोने को चांदी जैसी दिखने वाली धातु की छड़ों और चूड़ीनुमा संरचनाओं के भीतर छिपाया गया था, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।

पिछले कुछ समय से डीआरआई को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि इंदौर एयरपोर्ट के जरिए विदेशी सोना अवैध रूप से शहर के कुछ सर्राफा कारोबारियों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर 3 और 4 अगस्त के बीच विशेष निगरानी रखी गई और कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

जांच में सामने आया पूरा नेटवर्क

कार्रवाई के दौरान दो संदिग्धों की तलाशी लेने पर उनके पास से चांदी जैसी दिखने वाली दो चूड़ियां बरामद हुईं। जांच में पता चला कि उनके भीतर सोना छिपाकर रखा गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ।

डीआरआई ने इस मामले में गोविंद पोरवाल, एयर इंडिया एक्सप्रेस के ग्राउंड ड्यूटी कर्मचारी वासुदेव बरनाले, अमन गहलोत, संजय मुंजे और अजय कुमार सेन को गिरफ्तार किया।

एयरपोर्ट कर्मचारियों की भूमिका भी उजागर

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तस्करी के इस नेटवर्क में प्रत्येक आरोपी की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, गोविंद पोरवाल अबू धाबी से सोना लेकर आता था। इसके बाद एयरलाइन कर्मचारी वासुदेव बरनाले कथित तौर पर एरोब्रिज के रास्ते बिना कस्टम जांच के पार्सल को एयरपोर्ट से बाहर पहुंचाने में मदद करता था।

एयरपोर्ट के बाहर मौजूद अन्य सहयोगियों, जिनमें एक टैक्सी चालक भी शामिल बताया जा रहा है, के माध्यम से यह सोना शहर के सर्राफा कारोबारियों तक पहुंचाया जाता था।

अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ जारी

डीआरआई ने फिलहाल करीब एक किलो सोना जब्त किया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और क्या पहले भी इसी तरीके से सोने की तस्करी की जाती रही है।

जांच एजेंसियां एयरपोर्ट पर तैनात अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। मामले की विस्तृत जांच जारी है।