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पन्ना, श्री चित्रगुप्त मंदिर मैं कायस्थ समाज द्वारा सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त ध्रुव एवं प्रह्लाद प्रसंग का बखान किया गया।
इसमें कथा व्यास श्री सत्यम कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था। जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रह्लाद के कई कष्ट दूर हो गए थे। कथा का आगाज गुरु वंदना के साथ किया गया।

उन्होंने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म एवं सत्य बोलने का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव जी को पांच वर्ष की आयु में भगवान का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्हें 36 हजार वर्ष तक राज्य भोगने का वरदान प्राप्त हुआ था। ऐसी कई मिसालें हैं, जिससे सीख लेने की जरूरत है।श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य श्रोता  महेश प्रसाद खरे श्रीमती सुषमा खरे  बद्री प्रसाद खरे श्रीमती सरिता खरे ,श्रीमती आभा श्रीवास्तव स्वर्गीय श्री कृष्ण बिहारी श्रीवास्तव, सुरेंद्र श्रीवास्तव श्रीमती मंजरी श्रीवास्तव , अरविंद खरे श्रीमती सरिता खरे आलोक खरे श्रीमती जहान्वी खरे , आनंत मोहन खरे श्रीमती शीला खरे , पीएन खरे है। श्रीमद् भागवत कथा के आयोजक कायस्थ समाज के  सभी प्रबुद्ध जनों ने पन्ना शहर के सभी भगवत प्रेमियों से आग्रह किया है कि श्री जुगल किशोर मंदिर स्थित श्री चित्रगुप्त मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का रसपान करने के लिए अपहरण 3:00 से हरी इच्छा तक पधारने का कष्ट करें।