असामाजिक तत्वों के आतंक से परेशान छात्राएं
भटनवारा स्कूल गेट में अंडा मांस की दुकानें
CURATED BY – UMESH KUSHWAHA | CITYCHIEFNEWS
सतना, अमरपाटन रोड स्थित भटनवारा विद्यालय के गेट और बाउंड्री से जोड़कर दबंगों ने दुकानें खोल ली हैं। कई सालों से यह समस्या बरकरार है लेकिन पंचायत सहित जिम्मेदार लोग मौन हैं। शायद इन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है। प्राचार्य ने इस आशय की लिखित शिकायत सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारियों से की है फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। अब यही अतिक्रमणकारी प्राचार्य को भी धमकी दे रहे हैं।
क्या है मामला
हायर सेकेंड्री स्कूल भटनवारा में आसपास के गांवों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। स्कूल गेट से लेकर पूरी बाउंड्री में अवैध कब्जा कर दबंगों ने अंडा- मांस, पान मसाला, सिगरेट की दुकानें खोल ली हैं। यहां स्कूल समय में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है जो शिक्षिकाओं एवं छात्राओं से अश्लील हरकतें करते हैं। जानकारी मिली है कि अंडा- मांस की दुकानों में अवैध देशी शराब भी पाउच में बिकती है। प्राचार्य ने लिखित शिकायत कर गंभीर वारदात होने का अंदेशा व्यक्त किया है। सिटी कोतवाली अन्तर्गत आने वाले भटनवारा में कई अपराधी खुलेआम घूमते हैं।
तहसीलदार ने दिया बेदखली का आदेश उचेहरा तहसीलदार ने स्कूल की जमीन एवं बाउंड्री पर अतिक्रमण करने वाले दबंगों को दो- दो हजार का अर्थदंड लगाते हुए बेदखली का आदेश भी दिया गया है। इनमें अतिक्रमणकर्ता अरुण सिंह, राकेश जायसवाल, विक्रम सिंह, मनीष खटिक, महेश विश्वकर्मा सहित अन्य शामिल हैं। तहसीलदार इसके पूर्व भी अतिक्रमण हटाने आदेशित कर चुके हैं लेकिन आज भी अतिक्रमण उसी तरह आबाद है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्कूलों के आसपास ऐसी आपत्तिजनक सामग्री बिक्री प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यहां अंडा, मांस, मदिरा की बिक्री खुलेआम हो रही है।
पंचायत की भूमिका संदिग्ध
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के सरपंच एवं सचिव को कई बार शिकायत की गई लेकिन दबंगों के प्रभाव से सब मौन साधे हुए हैं। सरपंच द्वारा इन दबंगों को खुला संरक्षण मिला है यही वजह है कि तहसीलदार का आदेश भी बेअसर है। जबकि प्राचार्य ने शिकायत की प्रतिलिपि एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी को भी प्रेषित करते हुए अविलम्ब कार्रवाई की मांग की है। एक अगस्त 24 को लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूलों के आसपास से अतिक्रमण हटाने सख्त आदेश जारी किया है फिर भी प्रशासनतंत्र किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।