शिवरात्रि पर गंगा महादेव मेले से हुआ आदिवासी महापर्व भगोरिया का आगाज
ढोल मांदल की थाप पर जमकर थिरके लोग
धार, शिवरात्रि से आदिवासी लोक संस्कृति के महापर्व भगोरिया की हुई शुरु धार जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और पांडव कालीन माने जाने वाले प्राचीन गंगा महादेव से आज भगोरिया पर्व की शुरुआत हो गई , आज अल सुबह से ही प्राचीन गंगा महादेव मंदिर की पहाड़ियों के बीच बहते झरने के नीचे स्थित भगवान भोलेनाथ के दर्शन पूजन ओर अभिषेक करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे , इस दौरान श्रद्धालुओं ने गंगा महादेव में बहते झरने के बीच में प्राकृतिक नजारो का भी लुफ्त उठाया , वहीं प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी गंगा महादेव क्षेत्र में एक मेले का आयोजन किया गया था , जहां से दोपहर पश्चात आदिवासी लोक संस्कृति से जुड़े भगोरिया पर्व की शुरुआत हुई , जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में आदिवासी नृत्य दल महिला पुरुष मांदल की थाप पर झूमते नाचते कुर्राटी भरते नजर आए , आपको बता दें कि होली के त्योहार के पूर्व आदिवासी परंपरा में भगोरिया पर्व का खासा महत्व है , भगोरिया हाट में लगने वाले मेले में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी खरीदारी कर मेले का लुफ्त उठाते हैं , भगोरिया पर्व के दिन पान खाने का भी अपना महत्व होता है जिसको लेकर पान की दुकानों पर युवक-युवतियों की विशेष भीड़ देखी जाती है , वही गंगा महादेव से प्रारंभ हुआ भगोरिया पर्व धार जिले सहित आसपास के जिलों में करीब 1 माह तक अलग-अलग जगहों पर मनाया जावेगा , वही गंगा महादेव में भगोरिया पर्व मे बड़ी संख्या में क्षेत्रीय आदिवासी जनप्रतिनिधि भी पहुंचे थे जो मांदल की थाप के साथ नृत्य दलों के साथ नाचते गाते नजर आए..