कटनी, टोल प्लाजा में पार्टनर बनाने का लालच देकर करोड़ों रुपए कि ठगी करने वाले एक आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने टोला प्लाजा में पार्टनर बनाने का लालच देकर अलग.अलग लोगों से करीब साढ़े चार करोड़ रुपए की ठगी की है। पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन ने बताया कि जून महीने में कोतवाली थाने में वाराणसी निवासी सुजीत कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी ने बसंत यादव नाम के व्यक्ति से डेढ़ करोड़ रुपए व्यवसाय के नाम से लिया और रुपए वापस करने की बजाय गबन कर लिया। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी सुजीत कुमार सिंह को उत्तरप्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में जानकारी मिली है कि आरोपी ने अन्य लोगों से भी ठगी की है। आरोपी टोल नाके का पेटी कांटेऊक्ट लेकर लोगों को पार्टनर बनाकर रुपए लेता था और व्यवसाय में घाटा बताकर लोगों के रुपए वापस नहीं करता था। पुलिस अब तक की विवेचना में जानकारी मिली है कि आरोपी ने करीब साढ़े चार करोड़ की ठगी अलग.अलग लोगों से की है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को वाराणसी निवासी उसके चाचा.चाची और भतीजी ने पहचानने तक से इंकार कर दिया है।

कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार शर्मा ने बताया कि राममनोहर लोहिया वार्ड निवासी बसंतलाल यादव ने 26 जून 2023 को शिकायत में बताया था कि उत्तप्रदेश के वाराणसी निवासी सुजीत कुमार सिंह मझगवां में टोल प्लाजा चलाता है। बड़वारा आने.जाने के दौरान उससे जान.पहचान हुई थी। सुजीत कुमार सिह ने टोल प्लाजा व्यवसाय में रुपए लगाने पर लाभ होने का प्रलोभन दिया। साथ ही एनएचएआई का पत्र टोल प्लाजा एसएन इंटरप्राईजेज के नाम का दिखाया। जिसके बाद उसने सुजीत कुमार सिंह से मिला टोल प्लाजा के व्यवसाय में एक करोड़ 50 लाख रुपए लगाने का इकरारनामा 26ण् मई 2022 को कटनी तहसील परिसर किया। इकरारनामा में यह तय हुआ था कि एक वर्ष बाद दो करोड़ रुपए बसंत लाल यादव को सुजीत कुमार सिंह वापस करेगा। लेकिन एक वष बीतने के बाद सुजीत कुमार सिंह ने रुपए वापस नहीं किए। पुलिस ने शिकायत की जांच में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सुजीत कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ीए ठगी अपराधिक षडय़ंत्र रचने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की विवेचना के दौरान आरोपी को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिमांड में की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। आरोपी से ठगी के रुपयों की बरामदगी के लिए उसे वाराणसी उसके चाचा शैलेन्द्र कुमार सिंह के घर ले जाया गया। जहां पर उसके चाचा.चाची और भतीजी ने उससे पहचाने से इंकार कर दिया। विवेचना में पता चला कि है कि आरोपी ने अलग.अलग लोगों से करीब साढ़े चार करोड़ की ठगी की है।