हरियाणा के पूर्व CM ओम प्रकाश चौटाला का निधन
5 बार रहे मुख्यमंत्री; 89 साल में दुनिया को कहा अलविदा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) चीफ ओमप्रकाश चौटाला का शुक्रवार को निधन हो गया। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। चौटाला बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। ओमप्रकाश चौटाला ने प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, प्रदेश के मुख्यमंत्री के रुप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई थी। चौटाला की पहचान एक कद्दावर नेता के रूप में रही है। उनकी गिनती हरियाणा के प्रभावशाली नेताओं में होती है। 2022 में 12 वीं परीक्षा उत्तीर्ण करने को लेकर भी काफी चर्चा में रहे थे। मिल रही जानकारी के अनुसार, ओपी चौटाला का पार्थिव शरीर सिरसा स्थित उनके पैतृक गांव लाया जाएगा और लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर हरियाणा में 3 दिन का राजकीय शोक रहेगा। 20-22 दिसंबर तक 3 दिन का राजकीय शोक और 21 दिसंबर को प्रदेश में एक दिन की छुट्टी रहेगी। 20-22 दिसंबर तक प्रदेश में कोई सरकारी मनोरंजन कार्यक्रम नहीं मनाए जाएंगे। 21 दिसंबर को राजकीय सम्मान के साथ पूर्व मुख्यमंत्री का अंतिम संस्कार होगा।
सीएम नायब सिंह सैनी ने जताया शोक
चौटाला के निधन पर केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री, इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला के निधन का दुखद समाचार मिला। प्रदेश के विकास में उनके अहम योगदान को सदैव याद किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। ओम शांति!
पांच बार हरियाणा के सीएम रहे
ओपी चौटाला भारत के पूर्व डिप्टी पीएम देवीलाल के सबसे बड़े बेटे थे। वह पांच बार हरियाणा के सीएम रह चुके हैं। साल 1996 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई थी। ओमप्रकाश चौटाला के दो बेटे हैं, अजय चौटाला और अभय चौटाला। इन दोनों के भी दो-दो बेटे हैं। अजय चौटाला के बेटों का नाम दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला है।
कब बने सीएम
ओम प्रकाश चौटाला का जन्म एक जनवरी 1935 को हरियाणा के सिरसा स्थित गांव चौटाला में हुआ था। वे पांच बार हरियाणा के सीएम रह चुके। दो दिसंबर 1989 को चौटाला पहली बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए और 22 मई 1990 तक इस पद पर रहे। 12 जुलाई 1990 को चौटाला ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद को शपथ ली थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता को दो माह में ही पद से हटा दिया गया था।
हालांकि, चौटाला को भी पांच दिन बाद ही पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। 22 अप्रैल 1991 को तीसरी बार चौटाला ने सीएम पद संभाला, लेकिन दो हफ्ते बाद ही केंद्र सरकार ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।
कैसा व्यक्तित्व था
ओम प्रकाश चौटाला ने हरियाणा के मूलभूत विकास में अहम भूमिका निभाई। उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों का बहुत बड़ा प्रशंसक माना जाता था। सत्ता में या विपक्ष में रहते हुए भी उनकी नीतियों और योजनाओं और भाषणों में हमेशा नयापन झलकता था। यही कारण था कि उन्हें हरियाणा में सबसे सक्रिय नेता के रूप में जाना जाता था।