भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में मंगलवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी की जयंती गरिमामय ढंग से मनाई गई इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश जोशी के पुत्र एवं पूर्व मंत्री दीपक जोशी, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, भोपाल जिला भाजपा के पदाधिकारी, महिला मोर्चा की कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने कैलाश जोशी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों को स्मरण किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कैलाश जोशी का जीवन सादगी ईमानदारी और जनसेवा का अद्भुत उदाहरण था उन्होंने राजनीति को कभी सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं बनाया बल्कि समाज और प्रदेश की सेवा का मिशन माना उनका सार्वजनिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है साधारण परिवार से शुरू हुआ असाधारण राजनीतिक सफर कैलाश जोशी का जन्म 14 जुलाई 1929 को तत्कालीन भोपाल रियासत के हाटपिपल्या (वर्तमान देवास जिला) में हुआ था यही उनका पैतृक और जन्मस्थान माना जाता है प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी शुरू की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और बाद में भारतीय जनसंघ के माध्यम से सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया संगठन के विस्तार में उन्होंने गांव-गांव जाकर कार्य किया और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कैलाश जोशी भारतीय जनसंघ के संस्थापक नेताओं में गिने जाते थे जनसंघ के दौर में उन्होंने प्रदेशभर में संगठन को मजबूत किया वर्ष 1977 में आपातकाल समाप्त होने के बाद बनी जनता पार्टी सरकार में वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहा लेकिन उनकी साफ-सुथरी छवि और प्रशासनिक पारदर्शिता की आज भी चर्चा होती है जनता पार्टी के विघटन के बाद भारतीय जनता पार्टी के गठन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वे कई बार विधायक चुने गए और बाद में लोकसभा सदस्य के रूप में भी जनता का प्रतिनिधित्व किया संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उन्होंने हमेशा अनुशासन और नैतिक राजनीति को प्राथमिकता दी
 कैलाश जोशी को भारतीय राजनीति में "संत राजनेता" कहा जाता था मुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनका जीवन अत्यंत सादा रहा वे बिना किसी आडंबर के आम लोगों के बीच रहते थे और जनता की समस्याओं को सीधे सुनते थे राजनीतिक विरोधी भी उनकी ईमानदारी और सरल स्वभाव का सम्मान करते थे  कैलाश जोशी ने प्रदेश में सुशासन पारदर्शी प्रशासन और ग्रामीण विकास की अवधारणा को मजबूत करने का प्रयास किया उन्होंने किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद मजबूत करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है भाजपा के संगठनात्मक विस्तार में भी उनकी भूमिका बेहद अहम रही जिसने आगे चलकर मध्य प्रदेश में पार्टी को मजबूत आधार प्रदान किया उम्र बढ़ने के बाद भी कैलाश जोशी सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह अलग नहीं हुए वे समय-समय पर संगठन और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते रहे तथा युवा नेताओं का मार्गदर्शन करते रहे 24 नवंबर 2019 को उनका निधन हुआ उनके निधन के साथ मध्य प्रदेश की राजनीति ने एक ऐसे जननेता को खो दिया जिसकी पहचान पद से अधिक उसके व्यक्तित्व और सिद्धांतों से थी  विधानसभा में आयोजित जयंती कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि कैलाश जोशी का जीवन सार्वजनिक जीवन में सुचिता सेवा और समर्पण का आदर्श है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सभी वक्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया कार्यक्रम में दीपक जोशी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन जनता की सेवा और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित रहा समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं जनप्रतिनिधियों महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया सभी ने एक स्वर में कहा कि कैलाश जोशी का व्यक्तित्व और उनके आदर्श मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे।