CURATED BY – SHRINIVAS MISHRA | CITYCHIEFNEWS

मैहर, भाजपा नेता सोसायटी अध्यक्ष और सरपंच बेटे ने कूटरचित दस्तावेजो के सहारे छीना बेबा महिला का अधिकार,तो विधवा महिला ने मैहर कलेक्टर रानी बाटड से जनसुनवाई में पहुंचकर भर्ती में हुई गड़बड़ी को लेकर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई,उक्त महिला ने बताया कि तथाकथित भाजपा नेता जनार्दन शुक्ला और उसके सरपंच बेटे ने मिलकर कूटरचित दस्तावेजो के सहारे अपनी बहू और पत्नी को आंगनवाड़ी में कार्यकर्ता बना दिया। उसी गाँव की जो पात्र बेबा महिला थी न्याय के लिए आज दर दर भटकने को मजबूर है। इस पद पर जब नियुक्ति के आदेश जारी किए गए थे उसी दौरान आपत्ति के लिए समय दिया गया था और उक्त पात्र महिला ने जनार्दन शुक्ला जिसे लगभग पूरा मैहर जानता है इस व्यक्ति का ओहदा और आर्थिक स्थित वर्षो से किस स्तर की है इसके बाबजूद भी इसने अपनी बहू को गरीबी रेखा के अंतर्गत कार्ड बनवा इस पद में मिलने वाले 10 नम्बर दिलाने में सफल रहा जबकि उक्त महिला का पति वर्तमान में तिदुहटा ग्राम पंचायत का सरपंच है।

आइए अब इन बाप बेटों की गरीबी की तरफ नजर डालते है इसकी गरीबी का आंकलन हम अपने से बिल्कुल नही कर रहे बल्कि इसके सरपंच बेटे ने सरपंची का फार्म भरते समय जो सपथ पत्र दिया है उसमें साफ साफ इसने अपनी गरीबी का उल्लेख कर बताया है कि इसके पास लगभग 9 लाख रु की जमीन है और लगभग 9 लाख रु का सोना है साथ ही इसकी पत्नी के खाते में 80 हजार के लगभग नकदी जमा है। उक्त आंकड़े यह बताते है कि तथाकथित भाजपा नेता के लिए गरीबी रेखा का क्या पैमाना बदल गया जो उक्त घोषित संपत्ति का बाद भी यह परिवार गरीबी रेखा में जी रहा है। पूर्व में उक्त महिला का ससुर जनार्दन शुक्ला भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था जिसने अपनी संपत्ति कितनी घोषित की थी इसकी भी जानकारी हमारे तंत्र को जुटानी चाहिए।

अब सवाल यह उठता है कि जो पात्र बेबा महिला थी उसे न्याय कब और कैसे मिलेगा। महिला नियुक्ति के वक्त से ही लगातार आपत्ति लगा रही है लेकिन न्याय है कि उसे गुमराह कर भाग रहा है न्याय जहां एक जांच में हो जाना चाहिए कि उक्त महिला का घर बार व्यवस्था पति का सपथ पत्र जमीन प्रॉपर्टी की जांच से ही सबकुछ साफ हो जाना चाहिए उसे न्याय भटका रहा है अधिकारी भी मामले से कन्नी काट रहे है। तो भला महिला को न्याय कैसे मिलेगा। आखिर जनार्दन शुक्ला सहित उसके बहू बेटों को गरीबी आमजन के सामने कैसे आएगी। लेकिन मामले को सुन जानकर एकबात जरूर कह रही है कि हे भगवान जनार्दन शुक्ला के परिवार जैसी गरीबी सब को दे दे।