मालदीव पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर
दोनों के देशों के संबंधों को मजबूत करने पर होगी बातचीत
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर मालदीव पहुंचे। उन्होंने कहा कि मालदीव भारत की पड़ोसी पहले की नीति के तहत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। द्वीपीय राष्ट्र के नेतृत्व से सार्थक बातचीत की उम्मीद है। मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने उनका एयरपोर्ट पर स्वागत किया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया कि मालदीव पहुंचकर खुशी हुई। हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए मालदीव के विदेश मंत्री का धन्यवाद। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि मालदीव के साथ भारत की साझेदारी मिलकर काम करने की गहरी इच्छा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर विकास के लिए काम करने में यकीन रखते हैं। वहीं मालदीव के विदेश मंत्री जमीर ने कहा कि मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर आए जयशंकर का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। मालदीव और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए सार्थक चर्चा की उम्मीद है।
एस जयशंकर की मालदीव यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि मालदीव भारत का प्रमुख समुद्री पड़ोसी है। भारत की पड़ोसी प्रथम की नीति और विजन सागर के तहत सुरक्षा और विकास में महत्वपूर्ण भागीदार है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच घनिष्ठ साझेदारी को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के रास्ते तलाशना है।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के मंत्री सामुदायिक विकास परियोजनाओं (HICDP), भारतीय EXIM बैंक की क्रेडिट सुविधा के तहत पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। साथ ही वाणिज्य और व्यापार के लिए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान करेंगे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर की 11 अगस्त तक की तीन दिवसीय यात्रा मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर के निमंत्रण पर हो रही है। वह यहां राष्ट्रपति मुइज्जू से शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। साथ ही द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा के लिए जमीर के साथ आधिकारिक बातचीत भी करेंगे। वहीं चीन समर्थित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के चुने जाने के बाद यह एस जयशंकर की पहली आधिकारिक यात्रा है। नवंबर 2023 में भारत और मालदीव के बीच संबंध गंभीर तनाव में आ गए थे। जब राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने देश से भारतीय सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने की मांग की थी।