नई दिल्ली, साउथ दिल्ली के पॉश इलाके मोतीबाग के पास सत्य निकेतन (आरके पुरम) में रविवार दोपहर एक बड़ा दर्दनाक हादसा सामने आया। करीब 40-50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसकी चपेट में आकर पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे के वक्त रविवार की छुट्टी होने के कारण छात्र 'हॉस्टल डेज़' नामक इस बॉयज पीजी में ही मौजूद थे। अब तक राहत कर्मियों ने 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिनमें से गंभीर रूप से घायल तीन पीड़ितों को एम्स (AIIMS) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

घटना की सूचना दोपहर लगभग 1:30 बजे दमकल विभाग को मिली, जिसके तुरंत बाद दमकल की 8 गाड़ियां और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं।

पीएम मोदी और गृह मंत्री ने जताया शोक, बचाव कार्य तेज
इस भयानक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से सीधे बातचीत कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर एनडीआरएफ की टीम युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: बेसमेंट में काम के दौरान लापरवाही की आशंका

घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त एक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इमारत के बेसमेंट में अनधिकृत या जोखिम भरा काम चल रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है। एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की संयुक्त टीमें मलबे से लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं।

भवन मालिकों पर FIR, एक महीने पहले मिला था नोटिस

हादसे के बाद पुलिस ने गुरुग्राम निवासी भवन मालिक हरिओम बंसल और उनके भाई आनंद बंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और चश्मदीदों के अनुसार:

इस पांच मंजिला इमारत में केवल दो महीने पहले ही दोबारा पीजी की शुरुआत की गई थी।

एक साल पहले सुरक्षा कारणों से इस इमारत को खाली कराया गया था और महज एक महीने पहले भी एक नोटिस जारी हुआ था।

बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान अचानक पूरी इमारत ढह गई और इसकी चपेट में आकर बगल की एक अन्य इमारत भी क्षतिग्रस्त हो गई।

प्रशासन की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जर्जर हो चुकी इस पुरानी इमारत के बेसमेंट में चल रही खुदाई या मरम्मत ही इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बनी। फिलहाल बचाव अभियान अंतिम चरण में है और मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन जारी है।