केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट संसद में पेश किया। इस दौरान वित्त मंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। बजट मिडिल क्लास के लिए खुशियों से भरा है। जिन लागों की सालाना आय 12 लाख रुपए होगी। उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। इसके बाद वित्त मंत्री ने खेलों के लिए भी बजट में खजाना खोल दिया और पिछली बार से खेल बजट 350 करोड़ रुपए तक बढ़ा है। खेल बजट का सबसे बड़ा हिस्सा 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम को मिला है। 

'खेलो इंडिया' को हुआ खूब फायदा
जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रमुख योजना ‘खेलो इंडिया’ को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट में सबसे ज्यादा फायदा हुआ। खेलों के लिए आवंटन में 351.98 करोड़ रुपए की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है जिसका सबसे बड़ा हिस्सा खेलो इंडिया कार्यक्रम को मिलेगा। इस अहम योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह 2024-25 के 800 करोड़ रुपए के अनुदान से 200 करोड़ रुपये अधिक है। 

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय को कुल मिलाकर 3,794.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह रकम पिछले साल की तुलना में 351.98 करोड़ रुपये अधिक है। यह बढ़ोतरी इस बात को ध्यान में रखते हुए अधिक है कि अगले साल ओलंपिक, कॉमनवेल्थ या एशियन गेम्स जैसा कोई बड़ा खेल आयोजन नहीं है। राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता के लिए निर्धारित राशि को भी 340 करोड़ रुपए से मामूली तौर पर बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। 

ओलंपिक मेजबानी पर है भारत की नजर
भारत ने हाल में खेलों के क्षेत्र में खूब प्रगाति की है। भारतीय प्लेयर्स ने दुनिया के हर कोने में तिरंगा लहराया है और भारत का नाम ऊंचा किया है। पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय प्लेयर्स ने कुल 6 पदक जीते थे। कई प्लेयर्स ऐसे थे, जो चौथे स्थान पर रहे और पदक नहीं जीत सके। वरना भारत के पदकों की संख्या और ज्यादा हो सकती थी। भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए एक महत्वाकांक्षी बोली की तैयारी कर रहा है। भारत ने इसके लिए इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी को एक आशय पत्र प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार ओलंपिक मेजबानी की बात कर चुके हैं।