पटना, बिहार के 243 विधानसभा क्षेत्रों में 29 अक्टूबर से चल रही मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का काम अंतिम चरण में हैं। मतदाता सूची में नाम सम्मिलित करने, नाम हटाने, नाम की त्रुटि को दूर करने, पता में बदलाव से संबंधित आवेदन पत्रों का निष्पादन पूरा कर लिया जाएगा।
आयोग के स्तर पर सभी दावा-आपत्ति को दूर करने के बाद पहली जनवरी तक सभी पारामीटरों की जांच की जाएगी।इसके बाद छह जनवरी-2025 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।
घर-घर जाकर मतदाताओं की जांच हुई
पहली जनवरी-2025 को आधार मानकर राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया गया था। इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं की जांच की गई। इस क्रम में मतदाताओं से संबंधित पूरी जानकारी ली गई। बीएलओ द्वारा इस दौरान बूथों का भी सत्यापन किया गया।
बीएलओ को 1500 मतदाताओं पर एक बूथ के गठन करने का निर्देश दिया गया था। इसमें यह सुनिश्चित किया गया कि बूथ हर हाल में सरकारी भवन के भूतल पर होना चाहिए। राज्य स्तर पर और जिला स्तर पर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी मतदाता सूची में सुधार को लेकर जानकारी दी गई।
मतदाताओं सूची से सभी गलतियों को दूर किया गया
साथ ही नए योग्य मतदाताओं के नाम सूची में सम्मिलित कराने की अपील की गई। प्रारूप प्रकाशन के पहले सभी प्रकार की त्रुटियों को मतदाता सूची से दूर किया गया।
प्रारूप सूची के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 29 अक्टूबर तक कुल मतदाताओं की संख्या सात करोड़ 72 लाख 28 हजार 642 थी। इसमें पुरुष मतदाता चार करोड़ चार लाख 38 हजार जबकि महिला मतदाताओं की संख्या तीन करोड़ 67 लाख 88 हजार थी। थर्ड जेंडर के मतदाताओं की संख्या 2171 थी। अब छह जनवरी को नई सूची के प्रकाशित होने के बाद राज्य के मतदाताओं के पूरे आंकड़े नए सिरे से सामने आएंगे।