काराकस, दक्षिण अमेरिका के तटीय देश वेनेजुएला में बुधवार शाम (भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के) आए भीषण भूकंप ने व्यापक तबाही की आशंका पैदा कर दी है। रिक्टर स्केल पर 7.1 और 7.5 तीव्रता के लगातार दो शक्तिशाली झटकों से लोगों में दहशत फैल गई और कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

भूकंप के बाद संबंधित एजेंसियों ने शुरुआती तौर पर सुनामी का अलर्ट जारी किया था, लेकिन बाद में खतरा टलने की पुष्टि करते हुए इसे वापस ले लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक अब क्षेत्र में सुनामी का कोई जोखिम नहीं है।

   एक मिनट के अंतराल पर आए दो बड़े झटके

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजकर 4 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता 7.1 दर्ज की गई। इसका केंद्र मोरोन शहर के पश्चिम में कैरेबियाई तट के निकट स्थित था, जो राजधानी काराकस से लगभग 168 किलोमीटर दूर है।

पहले झटके के करीब एक मिनट बाद ही दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 7.5 मापी गई। USGS के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 13 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।

   USGS ने जताई भारी जनहानि की आशंका

USGS ने प्रारंभिक आकलन में चेतावनी दी है कि इस शक्तिशाली भूकंप के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है। एजेंसी के अनुमान के मुताबिक मृतकों की संख्या 10 हजार से लेकर एक लाख तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह केवल प्रारंभिक आकलन है और आधिकारिक तौर पर हताहतों की अंतिम संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

भूकंप के झटके पूरे वेनेजुएला में महसूस किए गए, जबकि पड़ोसी देश कोलंबिया के कई हिस्सों में भी धरती कांपने की सूचना मिली है।

   काराकस में इमारतों को नुकसान, लोगों में अफरा-तफरी

भूकंप के बाद राजधानी काराकस में कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। कई स्थानों पर धूल का गुबार उठता दिखाई दिया और लोग घरों तथा दफ्तरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग भय और अफरा-तफरी के बीच सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आ रहे हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने पुष्टि की है कि राजधानी में कई भवनों को नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

   राहत और बचाव कार्यों पर टिकी नजर

भूकंप के बाद प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया है। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और नुकसान के वास्तविक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले घंटों में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी कि भूकंप से कितनी व्यापक तबाही हुई है।