खरगोन में किसानों ने सही सर्वे नही करने का लगाया आरोप दिया मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि ने तहसीलदार से परवरियो को हल्के पर रह कर सर्वे करने को कहा
खरगोन, बेमौसम बारीश एवं ओला-वृष्टि से किसानो की रबि की फसलो का भारी नुकसान हो गया है जिसका सर्वे करवाया जाकर उचित मुआवजा दिलवाया जाने को लेकर किसानों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम झिरन्या तहसीलदार प्रताप सिंह अजनार को ज्ञापन सोपा और कहा की। बैनोसम बारीश एवं ओला वृष्टि ऑधि तुफान से किसानो की रबि की फसल, गेहूं, चना, मक्का आदि खेत में कटी एवं खड़ी फसल पुरी तरह से खराब हो गई है. जिससे किसान पिडीत एवं चिन्ताग्रस्त है, तथा पिछली खरीब की फसल सोयाबीन, मक्का, ज्वार, मिर्ची कपास भी ज्यादा बारीश होने से फसल खराब हो गई थी, जिसका ना तो सर्वे किया गया एवं नाही उचित मुआवजा दिया गया । किसान पहले से आर्थिक संकट की स्थिती झेल रहा था एवं वर्तमान में कर्ज लेकर रवि की फसल बोई गई थी, जो पूर्णतह नष्ट हो गयी है । तथा किसानों की आजिविका कृषि पर ही निर्भर है, किसानों का आरोप हे की शासन प्रशासन की तरफ कोई भी उचित सर्वे या उचित मुआवजा दिलवाया जाने का प्रयास नहीं किया गया है, एवं वर्तमान में भी फसल का सर्वे समय पर नही किया जा रहा है जिससे किसान मुजावजा से वंचित रह जायेगे जिससे उनके सामने खडा आर्थिक संकट बैंक, कर्ज ,निजी कर्ज व भरषण पोषण व अजिविका चलाने में असमर्थ रहेगे, जिससे किसान अत्महत्या करने को मजबुर हो जाता है। यदि किसानो की फसलो की क्षति का मुआवजा नही दिया जाता है तो किसान द्वारा अन्दोलन करने की चेतावनी दी गई हे आरोप हे की खरगोन जिले के किसानो को फसल मुआवजा से वंचित रखा जाता है। किसानो की फसलो का सर्वे कर मुआवजा दिलवाया जाने के साथ बैंक के कर्ज में राहत दि जाने की किसानों ने मांग की हे।
झिरन्या क्षेत्र में विगत सोमवार रात एवं मंगलवार को हुई अति व्यष्टि एवं ओलावृष्टि आंधी तूफान बिजली से किसानों एवं गरीब वर्ग का काफी नुकसान हुआ है जिसमें बिजली गिरने से किसी का घर जल गया तो किसी के पशुओं की हानि हो गई।
अति महत्वपूर्ण जानकारी के लिए जब इस संबंध में झिरन्या तहसीलदार प्रताप सिंह अजनार से बात करना चाहिए तो मंगलवार दोपहर बाद से बुधवार तक श्याम तक 2 दिन से बात करने से बचते नजर आए जब भी किसी महत्वपूर्ण बात के लिए झिरन्या तहसीलदार से चर्चा करनी चाही तो अधिकतर अपनी अकड़ में फोन पर बात करने में लापरवाही करते नजर आते हे।
तथा कई पटवारी कलेक्टर के निर्देश के बाद भी तहसील मुख्यालय पर न रहते हुए अन्य स्थानों से आना जाना करते हे।
जिसकी मौखिक शिकायत जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि जिंदर सिंह बदोले ने तहसीलदार से की शायद इसी लिए किसानों द्वारा उचित सर्वे नही होने का आरोप लगाया गया है।
झिरन्या तहसीलदार प्रताप सिंह अजनार: डायरेक्ट बात करो आप एसडीएम साहब से आपको किसी को कोई काम हो तो आप ऑफिस आओ मैं ऑफिस में 10=30 से 6/7 बजे तक मिलता हु। में किसी को भी कॉल बैक नही करता और ना ही मोबाइल पर बात करता हूं।
खरगोन कलेक्टर कर्मवीर शर्माखरगोन: हमारी टीम सर्वे में लगी हुई है ।मुझे नहीं पता है कि कितने पटवारी रहते हैं कितने नहीं यह सही है कि पटवारी को हल्के पर निवास करने के निर्देश हैं हल्के पर नहीं रहते तो कम से कम तहसील मुख्यालय पर तो रहना जरूरी है।
भीकनगांव एसडीएम बी एस कलेश: बारिश के अगले दिन से ही राजस्व ,ग्रामीण विकास विभाग, एग्रीकल्चर की टीम भ्रमण कर रही है फसल का सर्वे का काम चल रहा है जिन मकानो को क्षति पहुंची हुई है उसका आरबीसी 6/4 के अंतर्गत प्रकरण तैयार हो चुके हैं पशुधन की छती का भी प्रकरण बन चुका है।
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