मंगलुरु, कर्नाटक के मंगलुरु से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है. यहां यूथ कांग्रेस के एक स्थानीय पदाधिकारी और उसके सहयोगी पर एक कारोबारी को कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाकर करोड़ों रुपये की उगाही करने का आरोप लगा है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मंगलुरु यूथ कांग्रेस का एक पदाधिकारी निजाम और उसका सहयोगी जितेश शामिल हैं. शिकायतकर्ता एक कारोबारी है, जिसने आरोप लगाया कि उसे निजी तस्वीरों और वीडियो के जरिए लंबे समय तक ब्लैकमेल किया गया. आरोपियों ने कथित तौर पर इन तस्वीरों और वीडियो को परिवार और परिचितों के बीच वायरल करने की धमकी देकर उससे भारी रकम वसूली.

जारी रहा ब्लैकमेलिंग का सिलसिला

बताया जा रहा है कि शुरुआत में कारोबारी डर के कारण आरोपियों की मांगें मानता रहा. समय बीतने के साथ रकम की मांग बढ़ती गई और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला लगातार जारी रहा. कारोबारी को ये विश्वास दिलाया गया कि अगर उसने पैसे देना बंद किया तो उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा.

मामले ने उस समय और भी नाटकीय मोड़ ले लिया जब आरोपियों ने कथित तौर पर एक फर्जी आत्महत्या की कहानी रच डाली. कारोबारी को बताया गया कि आरोपियों में से एक ने आत्महत्या कर ली है और अपने कथित सुसाइड नोट में उसका नाम लिखा है. इसके बाद उसे डराया गया कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है और उसे जेल जाना पड़ सकता है। इसी भय का फायदा उठाकर उससे लगातार पैसे वसूले जाते रहे.

पुलिस जांच में सामने आया है कि साल 2024 से 2026 के बीच कारोबारी से लगभग 2.77 करोड़ रुपये की उगाही की गई. कारोबारी लगातार दबाव और धमकियों के कारण रकम देता रहा. हालांकि, पूरी साजिश तब उजागर हुई जब उसने हाल ही में उस व्यक्ति को शहर में घूमते हुए देख लिया, जिसे पहले मृत बताया गया था. इस घटना के बाद कारोबारी को शक हुआ कि उसके साथ बड़ा धोखा किया गया है.