आईएमए की वार्षिक मेडिकल सेमिनार में दिल्ली, मुंबई, देहरादून, मेरठ से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिए विख्यान
Demanded exemption from the administration from new laws imposed on nursing homes and doctors
नर्सिंग होम्स और डॉक्टर्स पर लगने वाले नए-नए कानूनों से प्रशासन से छूट की मांग रखी
सहारनपुर। देहरादून रोड पर सिटी कन्वेंशन सेंटर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुँचे जिलाधिकारी डा दिनेश चंद्र सिंह, महापौर डा अजय सिंह, आई एम ए के अध्यक्ष डा कलीम अहमद, मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डॉ सुधीर राठी, यूपी स्टेट प्रेसिडेंट डा बबिता गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया उद्घाटन किया और स्मारिका का विमोचन किया। डा. विकास अग्रवाल, डा. सौम्या जैन, डा. रजनीश दहूजा, डाक्टर प्रवीण शर्मा, रविकांत निरंकारी, डा. अनुपम मालिक आदि ने आए हुए स्पीकर्स का स्वागत किया। इस अवसर डा. कलीम अहमद ने नर्सिंग होम्स और डॉक्टर्स पर लगने वाले नए-नए कानूनों से प्रशासन से छूट की मांग रखी,और कहा कि डॉक्टर्स का पंजीकरण पाँच साल में एक बार होना चाहिए ना की प्रतिवर्ष इससे डॉक्टर्स का उत्पीड़न हो रहा है और पंजीकरण सरल किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी डा.दिनेश चन्द्र ने इस अवसर पर चिकित्सकों का उत्साहवर्धन किया और अपनी लिखी किताब काल प्रेरणा के कुछ अंश भी सबके साथ साझा किए। उन्होंने डॉक्टर्स को कोरोनो वारियर कहते हुए भविष्य में भी एक योद्धा की तरह ही समाज को बीमारियों से बचाने के लिए कार्यशील रहने प्रेरणा दी। वही मेयर डा. अजय ने कहा की कानून सभी के लिए एक समान है, और चिकित्सको के ऊपर भी नर्सिंग होम्स के जो कानून है वो सभी की भलाई के लिए ही है यदि उनसे किसी का शोषण होता है तो शासन- प्रशासन सभी की ही संभव मदद के लिए हमेशा तैयार है। देहरादून के हार्ट स्पेशलिस्ट डा. पुनिश सदाना और दिल्ली से आए कार्डियोलोजिस्ट डा के के सेठी ने हाई ब्लड प्रेशर की नई इलाज और दवाओं की जानकारी दी और मरीजों को धूम्रपान और नशे से बचकर योग को भी जीवन में अपनाने की सलाह दी। महंत इंदेश अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ और प्रिंसिपल डा उत्कर्ष शर्मा ने मलेरिया के दवाओ और नई वेक्सिन की जानकारी दी। देहरादून के डा. ज्योति रैना और डा दीपक गर्ग ने रोबोटिक सर्जरी पर व्याख्यान दिया और इसके अनेकों फायदे बताए।इसमें मरीज को जल्दी अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है और खून चढ़ाने की जरूरत भी नहीं होती है। डा. के के पंडिता ने चक्कर आने की बीमारी वर्टिगो के बारे में बताया इसमें कान की अंदरूनी समस्या,ब्लड प्रेशर बढ़ने से,नसों की कमजोरी से हो सकता है और समय से इलाज जरूरी है। मेरठ से आए डा. अमिताभ गौतम ने डायबिटीज की दवाई अल्ट्रा लॉन्ग इन्सुलिन डेगलू डेक के बारे में बताया।मुबई से आए रेडियोलॉजिस्ट डा उत्कर्ष नोसरान ने गर्भ में शिशु के दिमाग की नसों की जांच कैसे करे इसके बारे में जानकारी दी। डा. प्रमोज जिंदल ने फेफड़ों की सर्जरी और फेफड़ों के प्रत्यारोपण में आने वाली जटिलताओं और विस्तार से व्याख्यान दिया और फेफड़े के कैंसर से बचने के उपाय बताए। कार्यक्रम में डा रजनीश दहूजा, डा. हिंमाशु मेहता, डा. नरेश नोसरान, डा. रिक्की चौधरी, डा मनदीप सिंह,डा मोहन सिंह,डा मोहन पांडे, डा राजेश शर्मा, डा अनिता मलिक, डा सीमा अग्रवाल, डा नूतन उपाध्याय, डा श्वेता अग्रवाल, डा ननिता चंद्रा, डा रेणु शर्मा, डा इंदिरा सिंह, डा इंदिरा भार्गव,डा शोभा सैनी, डा पूनम मखीजा, डा रंजू चौधरी,डा शरद अग्रवाल,डा राजेश शर्मा, डा सुभाष सहगल, डा अजय सहगल, डा शरद अग्रवाल, डा अग्रवाल, डा प्रशांत खन्ना, डा शशिकांत सैनी, डा सी एम कमाल, डा आर के शर्मा, डा आर के गोयल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. नीतू जैन, डा.साक्षी मालिक, डा श्वेता अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया।
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