नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉर्वे को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। रोमांचक मुकाबले में स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने दोनों गोल दागकर टीम की जीत के नायक बने। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने विश्व कप इतिहास में चौथी बार अंतिम चार में जगह बनाई और दूसरी बार खिताब जीतने की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा।

 केन और बेलिंगहम की जोड़ी ने बनाया विश्व कप इतिहास

इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन और मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने इस विश्व कप में एक अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक ही टीम के दो खिलाड़ियों ने एक ही विश्व कप में छह या उससे अधिक गोल किए हैं।

बेलिंगहम अब तक छह गोल कर चुके हैं, जबकि हैरी केन ने भी छह गोल दागे हैं। दोनों खिलाड़ियों की शानदार साझेदारी इंग्लैंड के अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है और टीम को लगातार निर्णायक मुकाबलों में बढ़त दिला रही है।

 क्वार्टर फाइनल में बेलिंगहम का दमदार प्रदर्शन

नॉर्वे ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और 36वें मिनट में एंड्रियास शेल्डरुप ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, इंग्लैंड ने दबाव में भी संयम नहीं खोया।

पहले हाफ के इंजरी टाइम में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। दूसरे हाफ में दोनों टीमों के डिफेंस ने बेहतरीन खेल दिखाया, जिसके चलते निर्धारित 90 मिनट तक कोई और गोल नहीं हो सका और मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंच गया।

 अतिरिक्त समय में दिलाई यादगार जीत

अतिरिक्त समय शुरू होते ही बेलिंगहम ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। 93वें मिनट में उन्होंने मैच का दूसरा और निर्णायक गोल दागकर इंग्लैंड को 2-1 की यादगार जीत दिला दी। उनके इस प्रदर्शन ने नॉर्वे की विश्व कप जीतने की उम्मीदों पर विराम लगा दिया।

 चौथी बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड, दूसरी ट्रॉफी पर नजर

इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 1966, 1990 और 2018 के बाद चौथी बार फीफा विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। अब सेमीफाइनल में उसका मुकाबला अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा।

इंग्लैंड अब तक केवल एक बार विश्व कप चैंपियन बना है। वर्ष 1966 में उसने फाइनल में जर्मनी को हराकर पहली और अब तक की एकमात्र विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की थी। अब टीम की नजर 60 वर्षों के इंतजार को खत्म करते हुए दूसरी बार विश्व विजेता बनने पर है।