पटना, भारत के निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी चार दिवसीय बिहार दौरे पर हैं. इसी क्रम में उन्होंने राजधानी पटना में विधानसभा चुनाव को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की है. मीटिंग में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, आदर्श आचार संहिता के अनुपालन और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण पर चर्चा की. आज वो मोतिहारी का दौरा करेंगे.

तैयारियों की हुई समीक्षा: इसके अलावा भारत के निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने हेतु स्वीप गतिविधियों की समीक्षा, कानून-व्यवस्था, मतदान कर्मियों के प्रबंधन, दिव्यांग एवं वृद्ध मतदाताओं हेतु सुविधाओं की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और शिकायत निवारण तंत्र से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की.

बिहार का मतदान प्रतिशत बढ़ाने की जरुरत: निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले 10 वर्षों में हुए आम निर्वाचनों में बिहार का मतदान प्रतिशत लगभग 56–57% के बीच रहा है, जिसे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किये जाने की आवश्यकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन संबंधी सभी कार्य निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ संपन्न किए जाएं.

मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं हो सुनिश्चित: निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने कहा कि सभी सहभागी पक्षों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन को रचनात्मक पहल करनी चाहिए. बिहार में कुल 77,895 मतदान केंद्र हैं. इन सभी केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं.

मतदाता सूची में पात्र नागरिकों को जोड़े: मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के अनुसार बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.80 करोड़ है. निर्वाचन आयुक्त ने निर्देशित किया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम जोड़ने से वंचित न रह जाए.

वोटर लिस्ट में युवाओं के नाम शामिल करने पर जोर: विशेष रूप से, 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या उनके अनुमानित जनसंख्या अनुपात की तुलना में कम है. वर्तमान में इस वर्ग के मतदाताओं की संख्या 8,08,857 है, जबकि अनुमानित जनसंख्या लगभग 64 लाख है.

कम वोटिंग पर जताई चिंता: मतदान प्रतिशत के संदर्भ में भी निर्वाचन आयुक्त ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, जहां राष्ट्रीय औसत मतदान प्रतिशत 66.10% है. वहीं, बिहार में पिछला लोकसभा चुनाव मात्र 56.28% मतदान के साथ संपन्न हुआ, जो अपेक्षाकृत कम है. ऐसे में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए व्यापक रणनीति बनाई जाए, जिसे सूक्ष्म स्तर (माइक्रो लेवल) तक लागू किया जाए.

दिव्यांग और वरिष्ठ मतदाताओं की अधिकतम हो भागीदारी: बिहार में कुल 7,69,046 दिव्यांग (PWD) मतदाता और 5,91,347 ऐसे वरिष्ठ मतदाता हैं, जिनकी आयु 85 वर्ष से अधिक है. ऐसे में निर्वाचन आयुक्त ने निर्देशित किया कि इन मतदाताओं की समावेशी रूप से अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि उनका मतदान बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके.

विवेक जोशी के आगामी कार्यक्रम: भारत के निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी आज मोतिहारी में एफएलसी (फर्स्ट लेवल चेकिंग) का निरीक्षण करेंगे और बेतिया (पश्चिम चंपारण) में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और बीएलओ के साथ समीक्षा बैठक करेंगे. रविवार को वो एसएसबी, वाल्मीकि नगर के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और क्षेत्रीय भ्रमण करेंगे. इसके बाद वो सोमवार को वैशाली जिले के दौरें पर रहेंगे.

मतदाता सूची की शुद्धता के लिए आयोजित हो रहे कार्यक्रम: उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग मतदाता सूची की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए वृहद स्तर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है, जिसमें बिहार के मतदान केन्द्र पदाधिकारी और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भाग ले रहे हैं. ये प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के प्रशिक्षण संस्थान IIIDEM के साथ राज्य में भी प्रमंडलवार आयोजित किये जा रहे हैं.

13 जिलों में चल रहा EVM का फर्स्ट लेवल चेकिंग कार्य: इसके साथ ही बिहार विधानसभा चुनाव के लिए EVM की फर्स्ट लेवल चेकिंग का कार्य भी 13 जिलों में चल रहा है. निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी का यह दौरा राज्य में मतदाता सुविधा, सुरक्षा प्रबंध, एफएलसी प्रक्रिया, प्रशिक्षण केंद्रों और पोलिंग स्टेशनों की क्या स्थिति है, उसको लेकर हो रहा है.

बैठक में ये अधिकारी हुए शामिल: बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बिहार विनोद सिंह गुंजियाल, स्टेट पुलिस नोडल पदाधिकारी कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिरीक्षक, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी पटना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पटना, अपर सचिव और निर्वाचन विभाग समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.