सिविल अस्पताल में स्वच्छता की कमी के चलते
स्वास्थ्य लाभ की जगह मरीज हो रहे हैं संक्रमित
CURATED BY – SHREE NIWAS MISHRA | CITYCHIEFNEWS
मैहर, कथनी और करनी का अन्तर अगर देखना हो तो मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार से अच्छा उदाहरण कई देखने को नहीं मिलता उक्त आरोप युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव शिवम पाण्डेय द्वारा सिविल अस्पताल के वर्तमान हालातो पर लगायें है । श्री पाण्डेय ने बताया कि स्वच्छता महा अभियान के नाम पर प्रदेश सरकार ने बडे बडे दावों की पोल खोलते है सिविल हॉस्पिटल की वर्तमान स्थिति जिसे देखने के बाद ऐसा लगता है कि मरीज अगर यहा रह कर इलाज करा लिया तो जो बिमारी ले कर यहां आया है उसके साथ वह यहा से भारी संक्रमण की अन्य बिमारियों को और लेकर यहां से जाएगा । सिविल अस्पताल के प्रवेश द्वार पर ही सिविल अस्पताल में स्वच्छता की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी से मरीजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। अस्पताल के प्रवेश द्वार पर ही जल समतल जगह पर भराव होने से मच्छरों और अन्य कीड़ों का जन्म हो रहा है, जो मरीजों को बीमारियां परोस रहे हैं। यही हाल अस्पताल बिल्डिंग में जांच रिपोर्ट लेने जाते वक्त चौथी मंजिल में भी नजर आएगा जहां पर कचरा एवं जालो का अंबार लगा हुआ है।
सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल में सफाई की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की अनदेखी ने आम नागरिक को न्यूनतम स्वास्थ्य सुविधाएं देने में भी अब असमर्थ नजर आ रहा है। अस्पताल प्रशासन को इस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं है सफाई संबंधी जिनकी जिम्मेदारियां हैं वह सिर्फ शासन की अमूल नीति पर अपनी पकड मजबूत बनाते हैं स्वच्छता के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए उस पर कोई ध्यान केन्द्रित करना पसंद नहीं कर रहा स्वछता सिर्फ अब दीवाल पेंटिंग के काम आती है जहां एक से एक स्वच्छता संबंधी अनुदेश प्रकाशित किए गए हैं यथार्थ में कहीं कुछ नहीं हो रहा है । मरीजों को स्वस्थ होने के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना अस्पताल की जिम्मेदारी है। इस संबंध में शिवम पाण्डेय ने मांग कि है कि इस समस्या को दूर करने के लिए सेनिटेशन अधिकारी की मौजूदगी में सफाई मुलाजिम लगातार काम करना चाहिए। बारिश के दिनों में उलटी, दस्त, हैजा, वायरल, पीलिया और अन्य पेट के रोग हो रहे हैं।
संक्रमण हद से ज्यादा फैल को इसकी जिम्मेदारी जिनके ऊपर सफाई का प्रभार है उनकी ही तय होनी चाहिये।